रेलवे भर्ती परीक्षाओं में बड़ा बदलाव, अब विभागीय एग्जाम भी होंगे ऑनलाइन; जानिए CBT और TBT में क्या है अंतर


रेलवे भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की और भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तेज बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए.

उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान रेल मंत्री ने कहा कि अब रेलवे की सभी विभागीय परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के माध्यम से आयोजित की जाएंगी. इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी संभव हो, भर्ती परीक्षाओं में टैबलेट आधारित टेस्टिंग (TBT) का दायरा बढ़ाया जाए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक कुशल और आधुनिक बनाया जा सके.

बैठक में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्धता पर विशेष जोर दिया गया. रेलवे का लक्ष्य है कि उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया में बेहतर अनुभव मिले और चयन प्रक्रिया को तकनीक की मदद से और मजबूत बनाया जा सके.

क्या है CBT और TBT?

रेलवे भर्ती परीक्षाओं में इस्तेमाल होने वाले CBT (Computer-Based Test) और TBT (Tablet-Based Test) दोनों ही डिजिटल परीक्षा प्रणालियां हैं, लेकिन इनके संचालन और तकनीकी ढांचे में महत्वपूर्ण अंतर है.

कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी CBT में उम्मीदवारों को डेस्कटॉप कंप्यूटर पर परीक्षा देनी होती है. इसके लिए बड़े परीक्षा केंद्रों, कंप्यूटर लैब, नेटवर्किंग सिस्टम और अन्य तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता होती है. वर्तमान में रेलवे और अन्य सरकारी भर्तियों की अधिकांश परीक्षाएं CBT मोड में आयोजित की जाती हैं.

वहीं, टैबलेट आधारित टेस्ट यानी TBT में उम्मीदवार टैबलेट डिवाइस पर परीक्षा देते हैं. इसमें अलग से कीबोर्ड, माउस या बड़े कंप्यूटर सेटअप की आवश्यकता नहीं होती. यही वजह है कि TBT के माध्यम से कम इंफ्रास्ट्रक्चर में भी परीक्षा आयोजित की जा सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रणाली परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने और दूरदराज क्षेत्रों तक परीक्षा सुविधाएं पहुंचाने में मददगार साबित हो सकती है.

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रेलवे भर्ती प्रक्रिया में तेजी

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे द्वारा शुरू किए गए वार्षिक भर्ती कैलेंडर को उम्मीदवारों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है. इससे अभ्यर्थियों को समय रहते रिक्तियों और भर्ती प्रक्रियाओं की जानकारी मिल रही है. उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय रेलवे ने 43,781 उम्मीदवारों को विभिन्न पदों पर नियुक्ति दी है. रेलवे ने तकनीक आधारित और व्यवस्थित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्तियों में तेजी लाई है. आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष में रेलवे ने 18,799 असिस्टेंट लोको पायलट (ALP), 14,298 टेक्नीशियन और 1,376 पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती की. इसके अलावा अन्य कई श्रेणियों में भी नियुक्तियां की गईं.

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क्यों जटिल होती है रेलवे भर्ती परीक्षा?

रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा देश की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाओं में गिनी जाती है. रेलवे के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया बेहद व्यापक और जटिल होती है क्योंकि परीक्षाएं देशभर के विभिन्न शहरों और हजारों परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाती हैं.

लाखों उम्मीदवारों की भागीदारी को देखते हुए परीक्षाएं कई शिफ्टों में आयोजित करनी पड़ती हैं. इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों के उम्मीदवारों की सुविधा के लिए परीक्षा 15 भाषाओं में कराई जाती है. रेलवे ने अपने बयान में कहा कि मल्टी-सिटी, मल्टी-शिफ्ट और मल्टी-लिंगुअल परीक्षा प्रणाली को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए मजबूत तकनीकी व्यवस्था और व्यापक समन्वय की आवश्यकता होती है. इसका उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता और मानकीकरण सुनिश्चित करना है.

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