Ritabrata Banerjee Education: कितने पढ़े-लिखे हैं ऋतब्रत बनर्जी? जिन्होंने तोड़ दी ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी


Ritabrata Banerjee Education: ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस से निकाले गए ऋतब्रत बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता बन गए हैं. पश्चिम बंगाल की विधानसभा में अध्यक्ष रथींद्र बसु ने बागी विधायकों की ओर से सौंप गए समर्थन पत्र स्वीकार करते हुए विपक्ष के नेताओं के लिए आवंटित कक्ष की चाबी ऋतब्रत बनर्जी को सौंप दी. इसके बाद ऋतब्रत बनर्जी में मीडिया से बातचीत में बताया कि टीएमसी के टिकट पर जीतने वाले दो तिहाई विधायक एकजुट है. हमें 60 विधायकों का समर्थन प्राप्त है, दो विधायक फिलहाल राज्य से बाहर है. हम सदन में भाजपा का मजबूती से सामना करेंगे. इसके अलावा ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी से भी संसदीय दल का सलाहकार बनने की अपील की. ऐसे में पश्चिम बंगाल की राजधानी में ऋतब्रत बनर्जी की चर्चा जोरों-शोरों से होने लगी. चलिए तो अब आपको बताते हैं कि ऋतब्रत बनर्जी कितने पढ़े लिखे हैं, जिन्होंने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को तोड़ दिया है. 

कौन है ऋतब्रत बनर्जी?

ऋतब्रत बनर्जी पश्चिम बंगाल में उलुबेरिया पूरबा विधानसभा से टीएमसी से सीट के टिकट पर विधायक चुने गए हैं. उन्होंने इस सीट पर भाजपा के रुद्र प्रोसाद बनर्जी को मात दी है. इससे पहले वह दो बार राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं. हालांकि पहले वह सांसद टीएमसी नहीं, बल्कि की सीपीआई(एम) की ओर से 2017 में बने थे. इसके बाद उन्होंने टीएमसी ज्वॉइन की थी और वह 15 महीना के लिए पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद बने. 

See also  This 70-Year-Old Lucknow Man Took NEET With Teenagers — Now He's Moving Court For Justice | Lucknow-news News

कितने पढ़े लिखे हैं ऋतब्रत बनर्जी?

ऋतब्रत बनर्जी का जन्म 1979 में कोलकाता के एक बंगाली परिवार में हुआ था. उन्होंने शुरुआत की पढ़ाई साउथ प्वाइंट स्कूल से की. इसके अलावा उन्होंने ग्रेजुएशन कोलकाता के ही आशुतोष कॉलेज से किया था. बताया जाता है कि इसी समय वह एसएफआई के सदस्य बने और पार्टी के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने लगे. ग्रेजुएशन के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने कोलकाता विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया और अंग्रेजी साहित्य से एमए की डिग्री हासिल की. 

ये भी पढ़ें-DU Recruitment 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी में निकली बंपर भर्ती, 1 लाख रुपये तक मिलेगी सैलरी; 25 जून तक करें आवेदन

ऋतब्रत बनर्जी ने 2011 में लड़ा था पहली बार चुनाव 

बताया जाता है कि एमए की डिग्री के दौरान ही ऋतब्रत बनर्जी एसएफआई के राष्ट्रीय महासचिव बन गए. उन्होंने तब तक सीपीएम के प्रमुख युवा चेहरों के तौर पर अपनी पहचान भी पक्की कर ली थी. इसके बाद कई नेताओं से उनकी नजदीकियां बढ़ी और सीपीएम ने 2011 में उनकाे कोलकाता दक्षिण लोकसभा सीट पर अपना उम्मीदवार बनाया. वह सीट ममता बनर्जी की इस्तीफे के कारण खाली हुई थी, हालांकि ऋतब्रत बनर्जी वह चुनाव हार गए, लेकिन पार्टी ने उन पर भरोसा कायम रखते हुए 2014 में उनकाे राज्यसभा में भेज दिया था.

ये भी पढ़ें-27 साल की उम्र में पति को खोया, टिफिन बेचकर बेटियों को पढ़ाया, अब बेटी बनी डिप्टी कलेक्टर

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

See also  Meet Professor Susan Elias; St Stephen’s first-ever woman principal in 145 years

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required