30 दिन में कितना कमा लेती हैं देश की पहली महिला ट्रक ड्राइवर, कब शुरू किया था ये सफर?


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • योगिता रघुवंशी बनीं भारत की पहली महिला ट्रक ड्राइवर.
  • उन्होंने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने को चुना यह पेशा.
  • 3 हजार की नौकरी छोड़कर ट्रक चलाने से कमाई बढ़ी.
  • आज योगिता अपनी 10 पहियों वाली ट्रक की मालकिन हैं.

सड़क पर दौड़ते बड़े-बड़े ट्रकों को देखकर अक्सर लोगों के मन में एक तस्वीर बनती है, जिसमें ड्राइवर की सीट पर कोई पुरुष बैठा नजर आता है. लेकिन भारत में एक महिला ने इस सोच को वर्षों पहले बदल दिया था. यह कहानी है देश की पहली महिला ट्रक ड्राइवर योगिता रघुवंशी की, जिन्होंने न सिर्फ ट्रक चलाकर पहचान बनाई, बल्कि आज हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा भी बन चुकी हैं.

एक कार्यक्रम में योगिता रघुवंशी ने बताया था कि ट्रक ड्राइवरों को आज भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि कई बार सड़क पर ऐसे हालात बन जाते हैं, जहां ड्राइवरों को बिना वजह रोका जाता है और घंटों इंतजार करना पड़ता है. उनके अनुसार, तकनीक के इस दौर में जब ज्यादातर दस्तावेज और भुगतान ऑनलाइन हो चुके हैं, तब भी कई जगह ड्राइवरों को अनावश्यक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

2006 में बनीं देश की पहली महिला ट्रक ड्राइवर

योगिता की यात्रा आसान नहीं रही. वर्ष 2006 में उन्होंने भारी वाहन चलाने का लाइसेंस हासिल किया और देश की पहली महिला ट्रक ड्राइवर बनने का गौरव प्राप्त किया.  योगिता बताती हैं कि उन्होंने यह रास्ता किसी शौक में नहीं चुना था, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया.

See also  ICMAI CMA Foundation result 2026 OUT at icmai.in; how to download scorecard PDF

3 हजार की नौकरी छोड़ शुरू किया नया सफर

ट्रक चलाने से पहले योगिता एक ऐसी नौकरी करती थीं, जहां उन्हें महीने के करीब 3 हजार रुपये मिलते थे. इतने पैसों में घर चलाना मुश्किल था. इसी दौरान उन्होंने ट्रक ड्राइविंग के बारे में सोचना शुरू किया. जब उन्होंने ट्रक चलाने का काम शुरू किया तो पहले ही सप्ताह में करीब 2 हजार रुपये की कमाई हुई.

यह भी पढ़ें- 60 फीसदी नंबर वालों के लिए खुशखबरी, हर साल मिलेगी हजारों रुपये की स्कॉलरशिप

भोपाल से हैदराबाद तक की पहली यात्रा

योगिता का पहला ट्रक सफर भी काफी यादगार रहा. उन्होंने अपने पति के एक परिचित के ट्रक से काम शुरू किया. पहली बार उन्होंने भोपाल से हैदराबाद तक ट्रक चलाया. करीब 1100 किलोमीटर की दूरी उन्होंने तीन दिनों में पूरी की.

वर्षों की मेहनत के बाद आज योगिता अपने ट्रक की मालिक हैं. उनके पास 10 पहियों वाला ट्रक है, जो उन्हें सम्मान स्वरूप एक ऑटोमोबाइल कंपनी की ओर से मिला था. अब वह खुद तय करती हैं कि किस रूट पर जाना है और कौन-सा माल लेकर सफर करना है.

योगिता के अनुसार लंबी दूरी की एक ट्रिप से वह करीब 30 हजार रुपये तक बचा लेती हैं. यदि महीने में कई ट्रिप पूरी हो जाएं तो उनकी कमाई सामान्य नौकरी की तुलना में कई गुना ज्यादा हो जाती है.

यह भी पढ़ें – Mukhyamantri Hunar Vikas Yojana 2026: हायर एजुकेशन लेनी है और जेब है खाली तो न हो परेशान, इस योजना में सरकार दे रही बंपर पैसा

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

See also  ‘I never studied for number,’: Meet Kabeer Chhillar, AIR 2 in JEE Advanced 2026



Source link

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required