स्कूल शिक्षा में सुधार, 12 साल में छात्रों और शिक्षकों का अनुपात हुआ बेहतर 


Pupil-Teacher Ratio: 12 सालों में देश की स्कूली व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिला है. दरअसल शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी गए किए गए प्यूपिल टीचर रेशियो के आंकड़ों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है. शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक प्रति शिक्षक छात्रों की संख्या पहले के मुकाबले कम हुई है. मंत्रालय का कहना है कि इससे शिक्षकों को प्रत्येक छात्र पर ज्यादा ध्यान देने का अवसर मिलेगा और पढ़ाई की गुणवत्ता भी बेहतर होगी. 

चारों स्तरों पर घटा छात्र-शिक्षा अनुपात 

शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार 2013-14 की तुलना में 2025-26 में सभी स्कूल स्तरों पर शिक्षक-छात्र अनुपात में सुधार हुआ है. 2013-14 में प्राइमरी स्तर के स्कूलों में 31 स्टूडेंट पर एक टीचर था, वहीं 2025-26 में 19 स्टूडेंट पर एक टीचर हो गया है. इसके अलावा उच्च प्राथमिक स्तर पर 2013-14 में प्रति शिक्षक छात्रों की संख्या 25 थी, जो 2025-26 में घटकर 17 रह गई है. माध्यमिक स्तर पर 2013-14 में प्रति शिक्षक छात्रों की संख्या 25 थी जो घटकर 2025-26 में 15 रह गई है. वहीं उच्च माध्यमिक स्तर पर 2013-14 में यह आंकड़ा 40 था, जो अब 2025-26 में घटकर 23 छात्र प्रति शिक्षक पहुंच गया है. 

ये भी पढ़ें-क्या है PM Vidyalaxmi Scheme? जिसमें बिना गारंटी मिलेगा एजुकेशन लोन

शिक्षा मंत्रालय ने दी जानकारी 

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार पिछले 12 सालों में छात्र-शिक्षक अनुपात में हुए सुधार से स्कूलों में प्रत्येक विद्यार्थी को ज्यादा व्यक्तिगत मार्गदर्शन मिल रहा है, इससे शिक्षण प्रक्रिया को मजबूत बनाने और कक्षा में बेहतर सीखने का माहौल तैयार करने में मदद मिली है. 

See also  NEET PG 2026 एडमिट कार्ड कल होगा जारी, NBEMS ने बताई वजह

राज्यों में भी दिख रहा सुधार 

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अलावा छात्र-शिक्षक अनुपात की दिशा में कई राज्यों ने भी सरकारी स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात सुधारने के लिए कदम उठाए हैं. उदाहरण के तौर पर आंध्र प्रदेश में सरकारी स्कूलों में पिछले एक दशक के दौरान प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और हाई स्कूल स्तर पर शिक्षक छात्र अनुपात में सुधार दर्ज किया गया है. राज्य के अनुसार स्कूलों में शिक्षकों की संख्या बढ़ाने और रिक्त पदों को भरने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहे हैं, ताकि सभी विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षक शैक्षणिक माहौल मिल सके. आंध्र प्रदेश सरकार की और से जारी लेटेस्ट सोशियो-इकोनॉमिक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार 2014-15 एकेडमिक ईयर के दौरान प्राइमरी स्कूलों टीचर-स्टूडेंट रेशियो 1:26 था जो 2024-25 एकेडमिक ईयर में सुधरकर 1:20 हो गया है यानी हर 20 स्टूडेंट्स पर एक टीचर.

ये भी पढ़ें-Bihar Police SI Vacancy 2026: बिहार पुलिस सब-इंस्पेक्टर के 150 पदों पर भर्ती, जल्द करें आवेदन

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required