रोल नंबर विवाद पर CBSE का जवाब, जानिए क्यों नहीं खुल रहा था छात्रों का पोर्टल


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  • ‘रोल नंबर नहीं मिला’ सिर्फ अपात्र छात्रों को ही दिखा.

कक्षा 12 के रिजल्ट के बाद री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन प्रक्रिया को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आईं. कुछ छात्रों ने पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों की शिकायत की, जबकि कई छात्रों को लॉगिन करते समय ‘Roll Number Not Found’ का संदेश दिखाई दिया.अब CBSE ने इस पूरे मामले पर अपनी तरफ से जवाब देते हुए बताया है कि पोर्टल तय समय तक सफलतापूर्वक चलता रहा और बड़ी संख्या में छात्रों ने इसका इस्तेमाल किया.

लाखों छात्रों ने किया री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन
CBSE के मुताबिक 2 जून से 7 जून 2026 तक री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी रही. इस दौरान 1.6 लाख से ज्यादा छात्रों ने आवेदन किया. बोर्ड को कुल 3.8 लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच, सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन से जुड़े अनुरोध प्राप्त हुए.बोर्ड का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान पोर्टल पर काफी ज्यादा ट्रैफिक रहा, लेकिन इसके बावजूद छात्रों को सेवाएं उपलब्ध कराई गईं और अधिकांश आवेदन सफलतापूर्वक दर्ज किए गए.

IIT विशेषज्ञों की निगरानी में चला पोर्टल

CBSE ने बताया कि इस बार पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकारी तकनीकी एजेंसियों और IIT विशेषज्ञों की मदद ली गई. पोर्टल की लगातार निगरानी की गई ताकि किसी भी तकनीकी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके.बोर्ड के अनुसार, छात्रों को बेहतर सुविधा देने के लिए सिस्टम की क्षमता बढ़ाई गई थी और सुरक्षा व्यवस्था को भी पहले से मजबूत किया गया था.

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साइबर हमलों की कोशिशों के बावजूद जारी रही प्रक्रिया

CBSE ने यह भी स्वीकार किया कि आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के शुरुआती दिनों में कुछ साइबर हमलों और अनधिकृत प्रवेश की कोशिशें सामने आई थीं. हालांकि सुरक्षा टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए.बोर्ड के मुताबिक लोड टेस्टिंग, सिक्योरिटी ऑडिट, पेनिट्रेशन टेस्टिंग और लगातार मॉनिटरिंग की मदद से पोर्टल को सुरक्षित रखा गया. इसी वजह से आवेदन प्रक्रिया बिना किसी बड़े व्यवधान के पूरी हो सकी.

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‘Roll Number Not Found’ की वजह क्या थी?

री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा ‘Roll Number Not Found’ को लेकर हुई. कई छात्रों ने सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म पर इसकी शिकायत की. इस पर CBSE ने साफ किया कि यह कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं थी. बोर्ड के अनुसार केवल वही छात्र री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन के अगले चरण के लिए पात्र थे, जिन्होंने पहले चरण में अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी या फोटोकॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था.जिन छात्रों ने पहले चरण में आवेदन नहीं किया था, उन्हें सिस्टम में अगले चरण के लिए पात्र नहीं माना गया. ऐसे छात्रों को ही ‘Roll Number Not Found’ का संदेश दिखाई दिया.

छात्रों की मदद के लिए जारी रहेंगी सुविधाएं

CBSE ने कहा है कि वह छात्रों के लिए पारदर्शी और भरोसेमंद व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. बोर्ड की हेल्पलाइन, शिकायत निवारण प्रणाली और अन्य सहायता सेवाएं आगे भी जारी रहेंगी ताकि छात्रों की समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सके.

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