यूपी के युवाओं को सौगात, स्कॉलरशिप से लेकर नौकरी तक कई बड़े ऐलान
उत्तर प्रदेश में युवाओं को शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, स्वरोजगार और स्टार्टअप से जोड़ने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाओं और कार्यक्रम का ऐलान किया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से केवल नौकरी तलाशने की बजाय जॉब क्रिएटर और इनोवेटर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया है. सरकार की ओर से युवा उद्यमिता, डिजिटल स्किल, मुफ्त टैबलेट, छात्रवृत्ति, सरकारी नौकरी और स्वरोजगार से जुड़ी कई योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है.
सीएम-युवा में लोन पर ब्याज सब्सिडी
युवाओं को रोजगार और माइक्रो एंटरप्राइज शुरू करने के लिए यूथ ब्रिगेड स्कीम का ऐलान 15 अगस्त को किया गया. योजना के पहले चरण में युवाओं को 5 लाख तक के लोन चार साल तक 100 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी देने की व्यवस्था है. वहीं योजना के दूसरे चरण में 10 से 20 लाख रुपये तक के लोन पर 3 साल तक 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी. इस योजना के लिए उम्र सीमा 21 से 40 साल रखी गई थी. इसके तहत हर साल एक लाख माइक्रो एंटरप्राइज तैयार करने का टारगेट रखा गया है.
यूपी स्टार्टअप पॉलिसी 2026
युवाओं को स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए यूपी स्टार्टअप पॉलिसी 2026 को भी आगे बढ़ाया गया है. 27 अगस्त को स्टार्टअप मिशन पोर्टल लॉन्च किया गया. इस पहल के तहत 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ रुपये और 9 इनक्यूबेटरों को 1.79 करोड़ रुपये की मदद बांटी गई है. इसका उद्देश्य युवाओं और नए उद्यमियों को स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़ना और उनके लिए अवसर तैयार करना है.
स्किल डेवलपमेंट का बजट बढ़ा
युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी स्किल देने पर भी जोर दिया गया है. कौशल विकास का बजट 9 गुना बढ़ाकर 3,310 करोड़ रुपये किया गया है. इसके साथ ही डिजिटल स्किल और प्रशिक्षण से जुड़ी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कौशल दिशा, दर्पण, दृष्टि कॉल सेंटर और चैट बोट्स जैसे पांच नए पोर्टल शुरू की गए हैं. वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 लाख युवाओं को ट्रेनिंग देने का टारगेट रखा गया है.
25 लाख छात्रों को मुफ्त टैबलेट
राज्य में छात्रों और युवाओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए सरकार ने मुफ्त टैबलेट योजना को भी मंजूरी दी है. 26 अगस्त को कैबिनेट ने स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत टेबलेट वितरण को मंजूरी दी है. इस योजना पर 2374.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. 25 लाख युवाओं और छात्रों को इसमें मुफ्त टैबलेट दिए जाएंगे.
युवाओं के लिए नई एकीकृत युवा नीति
सरकार की ओर से जुड़ी नीतियों को एक साथ लाने के लिए नई एकीकृत युवा नीति की भी घोषणा की है. इसका ऐलान 7 अगस्त को किया गया था. यह नीति 16 से 35 वर्ष के युवाओं पर केंद्रित होगी, इसमें शिक्षा, रोजगार, कौशल, विकास, स्टार्टअप, खेल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों पर फोकस रहेगा.
6 महीने में एक लाख नौकरी का टारगेट
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है. सरकार के अनुसार पिछले 9 साल में 9.30 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है. वहीं 26 अगस्त को मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 6 महीने में 1 लाख और युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे. उन्होंने कहा की भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से और बिना भेदभाव की पूरी की जा रही है.
यूपी पुलिस में 1 लाख से ज्यादा भर्ती
युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसरों में यूपी पुलिस की भर्ती भी शामिल है. पुलिस में कांस्टेबल, सब इंस्पेक्टर, होमगार्ड और तकनीकी पदों पर मिलकर एक लाख से ज्यादा वैकेंसी की बात कही गई है. भर्ती प्रक्रिया में पेपर लीक जैसी समस्याओं को रोकने के लिए पूरी प्रक्रिया को टेक्नोलॉजी आधारित बनाने पर जोर दिया गया है.
जेन जी रोजगार योजना को मंजूरी
युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए जेन जी रोजगार योजना को भी मंजूरी दी गई है. 25 अगस्त की कैबिनेट बैठक में इस योजना को स्वीकृति मिली. योजना का खास फोकस 18 से 25 वर्ष के प्रथम मतदाता युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने पर हैं.
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छात्रवृति के जरिए मदद
सरकारी योजनाओं में छात्रवृत्ति को भी जरूरी जगह दी गई है. पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति के आवेदन 11 अगस्त से शुरू किए गए हैं. इस योजना से 36 लाख से ज्यादा छात्र लाभान्वित होने की बात कही गई है. इसके अलावा सामान्य छात्रवृत्ति पोर्टल को 1 सितंबर को दोबारा खोला गया. इसके तहत पहले लाभ से वंचित रह गए 3.16 लाख छात्रों को 2 अक्टूबर तक पेमेंट किए जाने का टारगेट है.
आउटसोर्स कर्मचारी के लिए यूपीसीओएस लॉन्च
युवाओं और बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी से जुड़ी एक और बड़ी पहल के तौर पर आज 2 सितंबर 2026 को आउटसोर्स कर्मचारी निगम लॉन्च किया गया. सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसकी शुरुआत की. इसके जरिए राज्य के करीब 20 लाख आउटसोर्स कर्मचारी को एक डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की योजना है. इनमें बड़ी संख्या युवाओं की है. भर्ती से लेकर वेतन तक की प्रक्रिया को डिजिटल पोर्टल पर मॉनिटर किया जाएगा. योजना के तहत बिचौलियों के शोषण से राहत देने, वेतन से होने वाली कटौती को रोकने और ईपीएफ-ईएसआई समय पर जमा करने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है. इसके अलावा आउटसोर्स कर्मचारी के लिए दुर्घटना की स्थिति में 20 से 50 लाख रुपये तक का बीमा, आग लगने की स्थिति में 10 लाख रुपये की सहायता, इलाज के लिए 5 लाख तक और मृत्यु की स्थिति में 50 हजार रुपये तक की सहायता जैसी सुविधाओं का प्रावधान है.
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