देश के 344 केंद्रीय विद्यालयों में स्थायी प्रिंसिपल नहीं, कैसे होगी पढ़ाई?


शिक्षा मंत्रालय के अनुसार वर्तमान में देशभर में 1,356 केंद्रीय विद्यालय संचालित है. इनमें से 1,012 विद्यालय में नियमित ग्रेड-2 प्रिंसिपल कार्यरत है, जबकि 344 स्कूलों में स्थायी प्रिंसिपल नहीं है. पिछले वर्षों की तुलना में यह संख्या बढ़ी है, करीब 8 साल पहले 1,081 स्वीकृत पदों में 200 प्रिंसिपल के पद खाली थे. इसके बाद केंद्रीय विद्यालय की संख्या बढ़ी, लेकिन नियमित प्रिंसिपलों की कमी भी बढ़ती गई.

संसद में पूछे गए एक गए सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रिंसिपल के पद कई प्रशासनिक कारणों से खाली होते रहते हैं. इनमें नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना, रिटायरमेंट, इस्तीफा, पदोन्नति, ट्रांसफर, दूसरे विभागों में प्रतिनियुक्ति और स्कूलों का अपग्रेडेशन जैसे कारण शामिल है. मंत्रालय के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन भर्ती नियमों के तहत इन पदों को नियमित रूप से भरने की प्रक्रिया अपनाते हैं.

संसद में पूछे गए एक गए सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रिंसिपल के पद कई प्रशासनिक कारणों से खाली होते रहते हैं. इनमें नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना, रिटायरमेंट, इस्तीफा, पदोन्नति, ट्रांसफर, दूसरे विभागों में प्रतिनियुक्ति और स्कूलों का अपग्रेडेशन जैसे कारण शामिल है. मंत्रालय के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन भर्ती नियमों के तहत इन पदों को नियमित रूप से भरने की प्रक्रिया अपनाते हैं.

संसद में पूछे गए एक गए सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रिंसिपल के पद कई प्रशासनिक कारणों से खाली होते रहते हैं. इनमें नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना, रिटायरमेंट, इस्तीफा, पदोन्नति, ट्रांसफर, दूसरे विभागों में प्रतिनियुक्ति और स्कूलों का अपग्रेडेशन जैसे कारण शामिल है. मंत्रालय के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन भर्ती नियमों के तहत इन पदों को नियमित रूप से भरने की प्रक्रिया अपनाते हैं.

संसद में पूछे गए एक गए सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रिंसिपल के पद कई प्रशासनिक कारणों से खाली होते रहते हैं. इनमें नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना, रिटायरमेंट, इस्तीफा, पदोन्नति, ट्रांसफर, दूसरे विभागों में प्रतिनियुक्ति और स्कूलों का अपग्रेडेशन जैसे कारण शामिल है. मंत्रालय के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन भर्ती नियमों के तहत इन पदों को नियमित रूप से भरने की प्रक्रिया अपनाते हैं.

सरकार के अनुसार कोविड-19 के दौरान भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होने के बाद वर्ष 2022 में केंद्रीय विद्यालय संगठन ने 13,441 शिक्षण और गैर शिक्षण पदों पर भर्ती पूरी की थी., जिनमें प्रिंसिपल के पद भी शामिल थे. इसके बाद नवंबर 2025 में 8,714 शिक्षण पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया, जिसमें 161 प्रिंसिपल के पद शामिल थे.

सरकार के अनुसार कोविड-19 के दौरान भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होने के बाद वर्ष 2022 में केंद्रीय विद्यालय संगठन ने 13,441 शिक्षण और गैर शिक्षण पदों पर भर्ती पूरी की थी., जिनमें प्रिंसिपल के पद भी शामिल थे. इसके बाद नवंबर 2025 में 8,714 शिक्षण पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया, जिसमें 161 प्रिंसिपल के पद शामिल थे.

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इन पदों के लिए टियर-1 और टियर-2 परीक्षा 2026 में आयोजित की गई. इसके अलावा दिसंबर 2025 में लिमिटेड डिपार्टमेंटल परीक्षा के माध्यम से 2,153 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू की गई, जिनमें 157 प्रिंसिपल के पद शामिल है.

इन पदों के लिए टियर-1 और टियर-2 परीक्षा 2026 में आयोजित की गई. इसके अलावा दिसंबर 2025 में लिमिटेड डिपार्टमेंटल परीक्षा के माध्यम से 2,153 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू की गई, जिनमें 157 प्रिंसिपल के पद शामिल है.

शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि प्रिंसिपल के पद खाली होने के बावजूद केंद्रीय विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ा. मंत्रालय के अनुसार वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था और जरूरत के अनुसार संविदा शिक्षकों की नियुक्ति के कारण पढ़ाई और परीक्षा संबंधी गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हो रही है. 

शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि प्रिंसिपल के पद खाली होने के बावजूद केंद्रीय विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ा. मंत्रालय के अनुसार वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था और जरूरत के अनुसार संविदा शिक्षकों की नियुक्ति के कारण पढ़ाई और परीक्षा संबंधी गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हो रही है. 

Published at : 01 Aug 2026 08:39 AM (IST)

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