क्या NRI भी दे सकते हैं सिविल सर्विस का एग्जाम, कैसे बन सकते हैं IAS?


विदेश में रहने वाले कई भारतीय मूल के युवाओं के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि क्या वे भी UPSC की सिविल सर्विसेज परीक्षा देकर IAS या IPS अधिकारी बन सकते हैं. दरअसल NRI यानी नॉन-रेजिडेंट इंडियन को लेकर लोगों में काफी कन्फ्यूजन रहता है, क्योंकि इसे अक्सर OCI और PIO जैसी दूसरी कैटेगरी के साथ मिला दिया जाता है. 

जबकि नियमों के हिसाब से NRI और OCI कार्ड धारकों के लिए UPSC परीक्षा से जुड़े प्रावधान बिल्कुल अलग-अलग हैं. आइए समझते हैं कि कौन सिविल सर्विस परीक्षा दे सकता है और आईएएस बनने का पूरा रास्ता क्या है.

NRI कौन है और क्या वह पात्र है?

NRI वह व्यक्ति होता है, जो भारत का नागरिक है, लेकिन पढ़ाई या नौकरी की वजह से फिलहाल विदेश में रह रहा है. चूंकि NRI की नागरिकता भारतीय ही होती है, इसलिए वह UPSC परीक्षा देने के लिए पूरी तरह पात्र माना जाता है. NRI IAS, IPS, IFS सहित UPSC के जरिए भरी जाने वाली सभी सेवाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं. बशर्तें वह बाकी सभी शर्तें जैसे उम्र, और योग्यता भी पूरी करते हों.

OCI के लिए अलग है नियम

NRI के उलट, OCI ऑवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया कार्ड धारकों के लिए नियम काफी सख्त हैं. UPSC के नियमों के मुताबिक IAS, IPS और IFS जैसी सेवाओं के लिए उम्मीदवार का भारत का नागरिक होना अनिवार्य है, इसलिए OCI कार्ड धारक इन तीनों सेवाओं के लिए आवेदन नहीं कर सकते. हालांकि UPSC के जरिए भरी जाने वाली कुछ अन्य सेंट्रल सेवाओं के लिए नेपाल, भूटान के नागरिक भी पात्र माने जाते हैं. लेकिन IAS और IPS पूरी तरह से भारतीय नागरिकों के लिए ही आरक्षित हैं. 

See also  क्या है मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम योजना, इसके लिए कैसे अप्लाई कर सकते हैं?

यह भी पढ़ें: UPSSSC में 132 पदों पर भर्ती, 21 से 40 साल तक के उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन 

NRI के लिए क्या हैं शर्तें और नियम?

भले ही NRI को परीक्षा देने की इजाजत है, लेकिन UPSC के नियमों के अनुसार उन्हें कोई अलग से विशेष छूट या कोटा नहीं दिया जाता. जैसे NEET या अन्य कुछ परीक्षाओं में NRI कोटा होता है, वैसा UPSC में बिल्कुल नहीं है. उन्हें जनरल या अपनी मूल कैटेगरी के तहत ही कम्पीट करना होता है. साथ ही, UPSC अपनी Prelims, Mains परीक्षा या इंटरव्यू का कोई भी केंद्र विदेशों में नहीं बनाता है. परीक्षा देने के लिए उम्मीदवार को भारत में तय किए गए सेंटर्स पर ही आना होता है. 

इसके अलावा, अगर किसी NRI उम्मीदवार ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई विदेश की किसी यूनिवर्सिटी से की है, तो फॉर्म भरने से पहले उन्हें एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज से इक्विवेलेंसी सर्टिफिकेट लेना जरूरी होता है, ताकि उनकी डिग्री को भारत में मान्यता मिल सके. 

कैसे बन सकते हैं IAS?

IAS बनने के लिए UPSC परीक्षा तीन चरणों में होती है, पहला prelims, दूसरा mains और तीसरा इंटरव्यू. prelims में दो पेपर होते हैं, जबकि मेन्स में निबंध सहित कई विषयों के लिखित पेपर देने होते हैं. इन दोनों चरणों को पास करने के बाद उम्मीदवार को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है. इन तीनों चरणों में मिले कुल अंकों के आधार पर एक फाइनल मेरिट लिस्ट बनती है, और उम्मीदवार की रैंक के हिसाब से ही यह तय होता है कि उसे IAS, IPS या IFS जैसी किस सेवा में जगह मिलेगी. यानी हर उम्मीदवार एक ही परीक्षा देता है, लेकिन रैंक के आधार पर अलग-अलग सेवाओं में नियुक्ति होती है.

See also  NEET UG 2026 Admit Card Released, Check Direct Link To Download Here | Education and Career News

यह भी पढ़ें: DU में बैक लगने पर नहीं होगी डिग्री रद्द, जानें कितने समय में करना होगा क्लियर

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required