कौन हैं IPS अंकिता शर्मा? विजयादशमी पर साड़ी पहन AK-47 से की हवाई फायरिंग


अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ पुलिस में अपनी भूमिका और सख्त पुलिसिंग के लिए जानी जाती है. उन्हें लेडी सिंघम के नाम से भी जाना जाता, हालांकि इस बार चर्चा की वजह उनकी पुलिसिंग के साथ-साथ दशहरा के कार्यक्रम में एके-47 चलाने का वीडियो भी है.

वहीं आपको बता दे की अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ कैडर की 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. उनका जन्म 5 जून 1990 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में हुआ था, उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई दुर्ग में की. इसके बाद भिलाई से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. अंकिता शर्मा को उनके पुलिसिंग के अंदाज और कानून व्यवस्था से जुड़े कामों के लिए पहचाना जाता है.

वहीं आपको बता दे की अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ कैडर की 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. उनका जन्म 5 जून 1990 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में हुआ था, उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई दुर्ग में की. इसके बाद भिलाई से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. अंकिता शर्मा को उनके पुलिसिंग के अंदाज और कानून व्यवस्था से जुड़े कामों के लिए पहचाना जाता है.

 छत्तीसगढ़ में अलग-अलग पदों पर काम करते हुए वह कई चुनौती पूर्ण क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं दे चुकी है. नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिसिंग और सुरक्षा से जुड़े अभियानों में उनकी भूमिका रही है. पुलिस विभाग में उनके काम और सार्वजनिक छवि के चलते उन्हें लेडी सिंघम कहा जाता है. वहीं अंकिता शर्मा की चर्चा केवल उनके वायरल वीडियो की वजह से नहीं होती, बल्कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास करने तक का उनका सफर भी कई बार सामने आ चुका है.

 छत्तीसगढ़ में अलग-अलग पदों पर काम करते हुए वह कई चुनौती पूर्ण क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं दे चुकी है. नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिसिंग और सुरक्षा से जुड़े अभियानों में उनकी भूमिका रही है. पुलिस विभाग में उनके काम और सार्वजनिक छवि के चलते उन्हें लेडी सिंघम कहा जाता है. वहीं अंकिता शर्मा की चर्चा केवल उनके वायरल वीडियो की वजह से नहीं होती, बल्कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास करने तक का उनका सफर भी कई बार सामने आ चुका है.

रिपोर्ट के अनुसार स्कूल के शुरुआती दिनों में गणित उनका कमजोर विषय था. बताया जाता है कि कक्षा 5 में गणित के 50 अंकों के पेपर में उन्हें सिर्फ पांच अंक मिले थे. इस वजह से उन्हें सप्लीमेंट्री परीक्षा देनी पड़ी थी. अंकित शर्मा ने अपने शुरुआती शैक्षणिक सफर में खुद को एक औसत एवरेज स्टूडेंट बताया था. आगे चलकर उनकी पढ़ाई में सुधार हुआ और कक्षा 9 में कॉमर्स विषय चुनने के बाद उन्होंने पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया.

रिपोर्ट के अनुसार स्कूल के शुरुआती दिनों में गणित उनका कमजोर विषय था. बताया जाता है कि कक्षा 5 में गणित के 50 अंकों के पेपर में उन्हें सिर्फ पांच अंक मिले थे. इस वजह से उन्हें सप्लीमेंट्री परीक्षा देनी पड़ी थी. अंकित शर्मा ने अपने शुरुआती शैक्षणिक सफर में खुद को एक औसत एवरेज स्टूडेंट बताया था. आगे चलकर उनकी पढ़ाई में सुधार हुआ और कक्षा 9 में कॉमर्स विषय चुनने के बाद उन्होंने पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया.

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इसके बाद कक्षा 10 में उन्होंने 92% और कक्षा 12 में 90% अंक हासिल किए. शुरुआती मुश्किलों के बाद पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन उनके शैक्षणिक सफर का अहम हिस्सा रहा है. स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद अंकिता शर्मा ने आगे की पढ़ाई की और एमबीए में एडमिशन लिया. उनका टारगेट सिविल सेवा में जाना था, इसी वजह से उन्होंने एमबीए की पढ़ाई छोड़कर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी पर ध्यान दिया.

इसके बाद कक्षा 10 में उन्होंने 92% और कक्षा 12 में 90% अंक हासिल किए. शुरुआती मुश्किलों के बाद पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन उनके शैक्षणिक सफर का अहम हिस्सा रहा है. स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद अंकिता शर्मा ने आगे की पढ़ाई की और एमबीए में एडमिशन लिया. उनका टारगेट सिविल सेवा में जाना था, इसी वजह से उन्होंने एमबीए की पढ़ाई छोड़कर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी पर ध्यान दिया.

यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्हें शुरुआती प्रयासों में सफलता नहीं मिली. रिपोर्ट्स के अनुसार पहले प्रयास में वह मुख्य परीक्षा के अगले चरण में पहुंचने से 15 अंक से चूक गई थी. वहीं दूसरे प्रयास में वह प्रीलिम्स भी क्लियर नहीं कर पाई थी. दो असफलताओं के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और तीसरे प्रयास में यूपीएससी पास की.

यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्हें शुरुआती प्रयासों में सफलता नहीं मिली. रिपोर्ट्स के अनुसार पहले प्रयास में वह मुख्य परीक्षा के अगले चरण में पहुंचने से 15 अंक से चूक गई थी. वहीं दूसरे प्रयास में वह प्रीलिम्स भी क्लियर नहीं कर पाई थी. दो असफलताओं के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और तीसरे प्रयास में यूपीएससी पास की.

अंकित शर्मा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2017 में तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की. उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 203 प्राप्त की और उन्हें अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ कैडर में आईपीएस सेवा मिली. फिलहाल वह छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में अपनी सेवाएं दे रही है. 

अंकित शर्मा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2017 में तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की. उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 203 प्राप्त की और उन्हें अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ कैडर में आईपीएस सेवा मिली. फिलहाल वह छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में अपनी सेवाएं दे रही है. 

Published at : 21 Oct 2026 10:51 PM (IST)

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