कॉलेज के बाद नहीं मिल रही नौकरी, एक्सपर्ट बता रहे हैं किन स्किल्स की सबसे ज्यादा जरूरत?


आज एआई लगभग हर इंडस्ट्री का हिस्सा बन चुका है. कंपनियां ऐसे लोगों को भी प्राथमिकता दे रही है, जिन्हें जेनरेटिव एआई, बड़े लैंग्वेज मॉडल आधारित एआई टूल्स का इस्तेमाल करना आता हो. टेक्निकल बैकग्राउंड वाले छात्र एआई डेवलपमेंट और प्रोग्रामिंग सीख सकते हैं, जबकि दूसरे छात्र एआई टूल्स का प्रभावी उपयोग सीख कर भी अपने करियर को मजबूत बना सकते हैं.

आज कंपनियों के फैसले डेटा के आधार पर लिए जाते हैं. इसलिए डेटा को समझना, उसका विश्लेषण करना और उससे उपयोगी निष्कर्ष निकालना बहुत जरूरी स्किल बन गई है. डेटा क्लीनिंग, डेटा विजुअलाइजेशन, एडवांस्ड एक्सेल एसक्यूएल और बिजनेस एनालिटिक्स जैसी स्किल सिखाने वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं. वहीं केवल थ्योरी जानना काफी नहीं है, बल्कि डेटा पर काम करने का एक्सपीरियंस भी जरूरी होता है.

आज कंपनियों के फैसले डेटा के आधार पर लिए जाते हैं. इसलिए डेटा को समझना, उसका विश्लेषण करना और उससे उपयोगी निष्कर्ष निकालना बहुत जरूरी स्किल बन गई है. डेटा क्लीनिंग, डेटा विजुअलाइजेशन, एडवांस्ड एक्सेल एसक्यूएल और बिजनेस एनालिटिक्स जैसी स्किल सिखाने वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं. वहीं केवल थ्योरी जानना काफी नहीं है, बल्कि डेटा पर काम करने का एक्सपीरियंस भी जरूरी होता है.

वहीं सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट आज भी सबसे ज्यादा भर्ती वाले क्षेत्र में शामिल है. लेकिन कंपनियां ऐसे उम्मीदवार चाहते हैं जो कोड लिखना ही नहीं, बल्कि प्रोडक्शन लेवल एप्लीकेशन पर भी काम कर सके. जीआईटी जैसे वर्जन कंट्रोल टूल्स, क्लाउड प्लेटफॉर्म और प्रोजेक्ट डेवलपमेंट का अनुभव उम्मीदवार को बाकी लोगों से अलग पहचान दिला सकता है. इसलिए कॉलेज के दौरान छोटे-छोटे प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप करना फायदेमंद माना जाता है.

वहीं सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट आज भी सबसे ज्यादा भर्ती वाले क्षेत्र में शामिल है. लेकिन कंपनियां ऐसे उम्मीदवार चाहते हैं जो कोड लिखना ही नहीं, बल्कि प्रोडक्शन लेवल एप्लीकेशन पर भी काम कर सके. जीआईटी जैसे वर्जन कंट्रोल टूल्स, क्लाउड प्लेटफॉर्म और प्रोजेक्ट डेवलपमेंट का अनुभव उम्मीदवार को बाकी लोगों से अलग पहचान दिला सकता है. इसलिए कॉलेज के दौरान छोटे-छोटे प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप करना फायदेमंद माना जाता है.

सिर्फ तकनीकी ज्ञान ही नौकरी दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं है. कंपनी ऐसे उम्मीदवार चाहती है जो अपनी बात स्पष्ट तरीके से रख सके. टीम के साथ काम कर सके और बदलते माहौल के अनुसार खुद को जल्दी ढाल सके. ईमेल लिखना, प्रेजेंटेशन देना, क्लाइंट से बातचीत करना, टीमवर्क, समस्या का समाधान निकालना और इमोशनल इंटेलिजेंस जैसी सॉफ्ट स्किल्स आज हर सेक्टर में बहुत बड़ी भूमिका निभा रही है.

सिर्फ तकनीकी ज्ञान ही नौकरी दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं है. कंपनी ऐसे उम्मीदवार चाहती है जो अपनी बात स्पष्ट तरीके से रख सके. टीम के साथ काम कर सके और बदलते माहौल के अनुसार खुद को जल्दी ढाल सके. ईमेल लिखना, प्रेजेंटेशन देना, क्लाइंट से बातचीत करना, टीमवर्क, समस्या का समाधान निकालना और इमोशनल इंटेलिजेंस जैसी सॉफ्ट स्किल्स आज हर सेक्टर में बहुत बड़ी भूमिका निभा रही है.

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वहीं डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल के कारण नए क्षेत्रों में रोजगार के मौके तेजी से बढ़ रहे हैं. इनमें डिजिटल मार्केटिंग, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन, सोशल मीडिया मैनेजमेंट, वीडियो प्रोडक्शन, मोबाइल एप डेवलपमेंट और ग्राफिक डिजाइनिंग जैसे क्षेत्र शामिल है. ऐसे में आप इन सभी कोर्स में से भी कई कोर्स कर सकते हैं. 

वहीं डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल के कारण नए क्षेत्रों में रोजगार के मौके तेजी से बढ़ रहे हैं. इनमें डिजिटल मार्केटिंग, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन, सोशल मीडिया मैनेजमेंट, वीडियो प्रोडक्शन, मोबाइल एप डेवलपमेंट और ग्राफिक डिजाइनिंग जैसे क्षेत्र शामिल है. ऐसे में आप इन सभी कोर्स में से भी कई कोर्स कर सकते हैं. 

Published at : 07 Jul 2026 04:10 AM (IST)

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