इस राज्य में निकली 45000 शिक्षक भर्ती, जानें डिटेल्स


ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य में बड़े पैमाने पर शिक्षक भर्ती करने का ऐतिहासिक ऐलान किया है. राज्य सरकार अगले 3 सालों के भीतर स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकों के 45,000 पदों को भरने जा रही है. मुख्यमंत्री ने यह महत्वपूर्ण घोषणा कटक के सेकेंडरी बोर्ड हाई स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की.

सरकार का यह फैसला राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार देने की दिशा में एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है. इस मेगा भर्ती अभियान की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है और जल्द ही इसके लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी किए जाएंगे.

कब आएगा भर्ती का नोटिफिकेशन

फिलहाल मुख्यमंत्री की तरफ से सिर्फ यह घोषणा की गई है कि अगले तीन सालों में 45,000 शिक्षकों की भर्ती होगी. भर्ती से जुड़ा आधिकारिक नोटिफिकेशन, आवेदन प्रक्रिया, योग्यता और परीक्षा पैटर्न जैसी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. जो भी उम्मीदवार इस भर्ती में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें ओडिशा स्कूल एंड मास एजुकेशन डिपार्टमेंट की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखनी चाहिए, ताकि आगे की जानकारी समय पर मिल सके.

छात्रों को दी यह सलाह

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों से सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताने से बचने की अपील भी की. उन्होंने कहा कि छात्रों को अपना ध्यान पढ़ाई और करियर की तैयारी पर लगाना चाहिए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षा केवल जानकारी देने भर का काम नहीं करती, बल्कि यह लोगों की जिंदगी और उनके भविष्य को दिशा देने का भी बड़ा जरिया है.

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KG से PG तक मुफ्त शिक्षा की योजना

अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की शिक्षा से जुड़ी कई योजनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि ओडिशा देश का पहला राज्य बन गया है जिसने किंडरगार्टन से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक पूरी तरह मुफ्त शिक्षा देने की योजना शुरू की है. इसका मकसद है कि पैसों की कमी किसी भी बच्चे की पढ़ाई में रुकावट न बने.

2,200 मॉडल स्कूल होंगे तैयार

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से 2,200 गोदावरीश मिश्र आदर्श प्राथमिक विद्यालयों को वर्ल्ड-क्लास मॉडल स्कूलों के रूप में विकसित कर रही है. इसके अलावा छोटे बच्चों की शुरुआती देखभाल और पढ़ाई के लिए राज्य में 45,000 नर्सरी स्कूल भी खोले जा चुके हैं. सरकार ने कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों को मिड-डे मील और मुफ्त पाठ्यपुस्तकें देने की योजना को भी आगे जारी रखने की बात कही है.

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आदिवासी छात्रों के लिए खास योजना

राज्य सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों में स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की संख्या घटाने के लिए शहीद माधो सिंह हाथ खर्चा योजना भी शुरू की है. इस योजना के जरिए आदिवासी छात्रों को आर्थिक मदद दी जाती है, ताकि वे बीच में पढ़ाई छोड़ने के बजाय अपनी स्कूली शिक्षा पूरी कर सकें.

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