CBSE Re-evaluation 2026 Portal : CBSE ने एक बार फिर तोड़ा छात्रों का भरोसा, दिन बीता लेकिन शुरू न हो पाया पोर्टल
CBSE Re-evaluation 2026 Portal : सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद लाखों छात्र अपने नंबरों को लेकर री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे. बोर्ड ने पहले घोषणा की थी कि 1 जून 2026 से री-इवैल्यूएशन पोर्टल दोबारा शुरू कर दिया जाएगा, जिससे छात्र अपनी आंसर शीट की जांच, नंबर वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकें, लेकिन जिस पोर्टल का छात्र कई दिनों से इंतजार कर रहे थे, वह तय समय पर भी पूरी तरह से काम नहीं कर पाया. सुबह से लेकर देर शाम तक हजारों छात्रों ने पोर्टल पर लॉगिन करने की कोशिश की, लेकिन कई लोगों को वेबसाइट खुलने में दिक्कत आई, तो कई छात्रों को एरर मैसेज और अनरिस्पॉन्सिव लिंक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा. ऐसे में छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ गई हैं.
29 मई से बढ़ाकर 1 जून की गई थी तारीख
सीबीएसई ने पहले री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल को 29 मई 2026 से शुरू करने की घोषणा की थी, हालांकि बाद में बोर्ड ने इसकी तारीख आगे बढ़ाकर 1 जून कर दी. उस समय बोर्ड ने कहा था कि वह छात्रों को अधिक पारदर्शी और तकनीकी खामियों से मुक्त व्यवस्था उपलब्ध कराना चाहता है. इसी वजह से पोर्टल की शुरुआत कुछ दिनों के लिए टाल दी गई थी. छात्रों को उम्मीद थी कि अतिरिक्त समय मिलने के बाद पोर्टल बिना किसी परेशानी के काम करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका.
लॉन्च की घोषणा कब हुई?
सीबीएसई की ओर से 1 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दोपहर करीब 2 बजे जानकारी शेयर की गई कि री-इवैल्यूएशन पोर्टल जल्द शुरू किया जाएगा. इसके बाद देर तक छात्रों को वेबसाइट पर आवेदन का एक्टिव लिंक दिखाई नहीं दिया. कई छात्रों ने शिकायत की कि लगातार वेबसाइट चेक कर रहे हैं, लेकिन आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है. इससे छात्रों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि आखिर आवेदन कब से स्वीकार किए जाएंगे.
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CBSE ने एक बार फिर तोड़ा छात्रों का भरोसा
इसके पहले सीबीएसई के पोस्ट-रिजल्ट पोर्टल को लेकर तकनीकी दिक्कतें सामने आई हैं. इससे पहले जब स्कैन की गई आंसर शीट प्राप्त करने का पोर्टल खोला गया था, तब भी छात्रों ने कई समस्याओं की शिकायत की थी. उस दौरान कुछ छात्रों को खाली पेज दिखाई दे रहे थे, कई लिंक काम नहीं कर रहे थे और कुछ को कैप्चा से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था. अब री-इवैल्यूएशन पोर्टल के साथ भी इसी तरह की समस्याएं देखने को मिल रही हैं.
सीमित समय के कारण बढ़ी चिंता
री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के लिए छात्रों को सीमित समय दिया जाता है. ऐसे में पोर्टल का समय पर काम न करना छात्रों की चिंता बढ़ा रहा है. कई छात्र ऐसे हैं जो अपने नंबरों को लेकर डाउट में हैं और जल्द से जल्द आवेदन करना चाहते हैं, लेकिन पोर्टल तक पहुंच न होने के कारण उनका कीमती समय बर्बाद हो रहा है. अभिभावकों का भी कहना है कि बोर्ड को पहले सभी तकनीकी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त कर लेनी चाहिए थी.
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