Teaching Job Abroad : भारत से किया B.Ed तो विदेश में भी कर टीचिंग जॉब, जानें कितनी मिलती है सैलरी और कैसे करें अप्लाई?


Teaching Job Abroad : भारत में हर साल लाखों छात्र B.Ed की पढ़ाई पूरी करते हैं. इनमें से कई लोग सरकारी या प्राइवेट स्कूलों में नौकरी पाने का सपना देखते हैं, लेकिन सीमित भर्तियों और बढ़ते कॉम्पिटिशन के कारण बड़ी संख्या में शिक्षक नौकरी के लिए परेशान रहते हैं. ऐसे में बहुत से लोगों को यह नहीं पता होता कि B.Ed की डिग्री से सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि कई विदेशी देशों में भी नौकरी की जा सकती है.

ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सिंगापुर, कतर, सऊदी अरब, कजाकिस्तान, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों में प्रशिक्षित शिक्षकों की लगातार मांग बढ़ रही है. खासतौर पर भारतीय शिक्षकों को उनकी विषय विशेषज्ञता, अच्छी अंग्रेजी और कम लागत में बेहतर प्रदर्शन के कारण प्राथमिकता दी जाती है. ऐसे में अगर आपने भारत से B.Ed किया है और विदेश में पढ़ाने का सपना देखते हैं, तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि भारत से किया B.Ed तो विदेश में भी टीचिंग जॉब कैसे कर सकते हैं, सैलरी कितनी मिलती है और अप्लाई कैसे करें.
 
विदेशों में भारतीय शिक्षकों की मांग क्यों बढ़ रही है?

पिछले कुछ सालों में दुनिया भर में शिक्षकों की भारी कमी देखने को मिली है. विकसित देशों में बड़ी संख्या में शिक्षक रिटायर हो रहे हैं, जबकि स्कूलों और छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसके अलावा कई देशों में भारतीय समुदाय तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण भारतीय सिलेबस पढ़ाने वाले स्कूलों की संख्या भी बढ़ी है. यही वजह है कि भारतीय शिक्षकों की मांग पहले की तुलना में कहीं ज्यादा हो गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सालों में वैश्विक स्तर पर लाखों नए शिक्षकों की जरूरत पड़ेगी. ऐसे में भारत प्रशिक्षित शिक्षकों का बड़ा स्रोत बनकर उभर रहा है. 

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भारत से किया B.Ed तो विदेश में भी टीचिंग जॉब कैसे कर सकते हैं?

अगर आप भारत से B.Ed करने के बाद विदेश में शिक्षक बनना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि ज्यादातर देश भारतीय डिग्री को सीधे एक्सेप्ट नहीं करते हैं, इसलिए आपकी शैक्षणिक योग्यता और प्रशिक्षण का मूल्यांकन किया जाता है. जैसे ऑस्ट्रेलिया में यह प्रक्रिया AITSL के माध्यम से होती है. इसके अलावा, अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ साबित करने के लिए IELTS, PTE Academic या TOEFL जैसी परीक्षाएं पास करनी पड़ती हैं. वहीं योग्यता मूल्यांकन और भाषा परीक्षा पूरी होने के बाद आपको उस देश या राज्य की शिक्षक नियामक संस्था में रजिस्ट्रेशन कराना होता है, जहां आप पढ़ाना चाहते है.  जैसे ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य में शिक्षक बनने के लिए NESA में  रजिस्ट्रेशन जरूरी है. हालांकि, हर देश के नियम अलग-अलग होते हैं, इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित देश की पूरी प्रक्रिया की जानकारी जरूर लेनी चाहिए. 

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सैलरी कितनी मिलती है?

विदेश में शिक्षकों की सैलरी देश, एक्सपीरियंस, विषय और स्कूल के अनुसार अलग-अलग होती है. आमतौर पर ऑस्ट्रेलिया में शिक्षक सालाना लगभग 55 से 70 लाख रुपये तक कमा सकते हैं, जबकि यूएई में मासिक वेतन 3 से 6 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. वहीं कजाकिस्तान और कई अंतरराष्ट्रीय स्कूलों में शिक्षकों को 3,000 से 5,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 2.5 से 4.3 लाख रुपये) प्रतिमाह तक वेतन मिल सकता है. इसके साथ ही कई विदेशी स्कूल सिर्फ सैलरी ही नहीं देते, बल्कि आवास, स्वास्थ्य बीमा, आने-जाने के हवाई टिकट, वीजा सहायता और बच्चों की पढ़ाई जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी उपलब्ध कराते हैं. 

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अप्लाई कैसे करें?

विदेश में टीचिंग जॉब के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवार LinkedIn, स्कूलों की आधिकारिक वेबसाइट, अंतरराष्ट्रीय भर्ती एजेंसियों, सरकारी जॉब पोर्टल और शिक्षक भर्ती मेलों (Job Fairs) का सहारा ले सकते हैं. कई विदेशी स्कूल और शिक्षा संस्थान भारत में भी समय-समय पर भर्ती अभियान चलाते हैं, जहां सीधे इंटरव्यू देकर नौकरी की जा सकती है. अगर आप विदेश के इंटरनेशनल स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं, तो PGCE, TEFL और CELTA जैसे अतिरिक्त कोर्स करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. इनसे आपकी योग्यता और बेहतर मानी जाती है, जिससे अच्छे और प्रतिष्ठित स्कूलों में शिक्षक की नौकरी मिलने की संभावना बढ़ जाती है.

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