CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर बड़ा साइबर अटैक, फीस स्ट्रक्चर में हुई बड़ी गड़बड़ी!


सीबीएसई के लाखों छात्रों के लिए शुरू किया गया री-इवैल्यूएशन पोर्टल अचानक चर्चा का विषय बन गया है. इस बार वजह रिजल्ट या री-चेकिंग नहीं, बल्कि पोर्टल पर सामने आई एक बड़ी तकनीकी गड़बड़ी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पोर्टल के पेमेंट सिस्टम पर कथित तौर पर मैलिशियस अटैक हुआ, जिसके बाद करीब 50 छात्रों को सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच मिल गई. इसके चलते फीस भुगतान से जुड़ी कई अजीब और चौंकाने वाली समस्याएं सामने आईं.

जानकारी के अनुसार, जब छात्रों ने री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करना शुरू किया तो कुछ मामलों में फीस की रकम सामान्य से बिल्कुल अलग दिखाई देने लगी. किसी छात्र के सामने सिर्फ 1 रुपये फीस दिखी, तो किसी के सामने यह रकम बढ़कर 67 से 68 हजार रुपये तक पहुंच गई. फीस में आए इस अचानक बदलाव ने छात्रों और अभिभावकों दोनों को हैरान कर दिया.

सूत्रों का कहना है कि यह गड़बड़ी पोर्टल से जुड़े पेमेंट गेटवे में सामने आई. शुरुआती जांच में पता चला है कि कुछ लोगों ने सिस्टम में अनधिकृत तरीके से प्रवेश किया, जिसके कारण फीस की राशि में बदलाव दिखाई देने लगा. अधिकारियों का मानना है कि कुछ मामलों में यह हरकत मजाक के तौर पर की गई हो सकती है, जबकि कुछ मामलों में इसके पीछे गलत इरादे भी हो सकते हैं.

जब यह समस्या सामने आई तो पोर्टल की कार्यप्रणाली पर भी असर पड़ा. कई छात्रों ने शिकायत की कि वे समय पर आवेदन नहीं कर पा रहे थे. कुछ समय के लिए पोर्टल की सेवाएं भी प्रभावित रहीं. इसके बाद तकनीकी टीमों ने तुरंत मामले की जांच शुरू की और गड़बड़ी की जड़ तक पहुंचने की कोशिश की.

See also  BSE Odisha HSC result 2026 link at bseodisha.ac.in, orissaresults.nic.in: How to download 10th scorecard PDF

सरकारी सूत्रों के अनुसार, लगभग 50 छात्रों के मामलों में फीस की राशि बदली हुई पाई गई. यही वजह रही कि पोर्टल पर भुगतान प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे. हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि समस्या को गंभीरता से लिया गया है और सिस्टम को पहले से अधिक सुरक्षित बनाने पर काम किया जा रहा है.

इस पूरे मामले के बाद शिक्षा मंत्रालय भी सक्रिय हो गया. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 24 मई को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक कर छात्रों को हुई परेशानी पर चर्चा की. बैठक में फैसला लिया गया कि सीबीएसई के पेमेंट सिस्टम को और मजबूत बनाया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो.

इसके लिए चार बड़े सरकारी बैंकों को भी सिस्टम से जोड़ा गया है. इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र शामिल हैं. इन बैंकों के पेमेंट गेटवे को सीबीएसई पोर्टल के साथ जोड़ा जा रहा है ताकि भुगतान प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बन सके.

ये भी पढ़ें- UP Recruitment 2026: 12वीं पास युवाओं के लिए 722 पदों पर भर्ती, जानें योग्यता से लेकर आवेदन तक पूरी डिटेल्स

बड़े संस्थानों की ली जा रही मदद

मामले की जांच के लिए देश के कुछ बड़े तकनीकी संस्थानों की मदद भी ली जा रही है. आईआईटी मद्रास और आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ इस पूरे सिस्टम की जांच कर रहे हैं. इनके साथ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की टीम भी काम कर रही है. विशेषज्ञ पोर्टल के कोड, पेमेंट सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि किसी भी कमजोरी को दूर किया जा सके.

See also  NEET 2026 re-exam questions leaked? NTA rushes Telegram 'paper sale' claims to CyberCrime

तकनीकी टीमों का कहना है कि उनका लक्ष्य ऐसा सिस्टम तैयार करना है जो पूरी तरह सुरक्षित हो और छात्रों को बिना किसी परेशानी के सेवाएं दे सके. इसके लिए लगातार टेस्टिंग की जा रही है और नई सुरक्षा परतें जोड़ी जा रही हैं.

AWS पर किया शिफ्ट 

सूत्रों ने यह भी बताया कि पहले पोर्टल पर जगह और क्षमता से जुड़ी कुछ दिक्कतें सामने आ रही थीं. बड़ी संख्या में छात्रों के एक साथ लॉगिन करने से सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा था. इसी वजह से अब पोर्टल को Amazon Web Services (AWS) प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया गया है. इससे पोर्टल की क्षमता बढ़ेगी और बड़ी संख्या में यूजर्स के आने पर भी सिस्टम आसानी से काम कर सकेगा.

यह भी पढ़ें – UP में सरकारी नौकरी का बड़ा मौका, 2285 पदों पर निकली भर्ती; चेक​ कर लें डिटेल्स

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required