दिल्ली के तीन बड़े अस्पतालों की कमान संभाल रहीं महिला डॉक्टर, जानें कैसे पहुंचीं इस मुकाम तक


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  • सुविधाओं को बेहतर बनाना और डिजिटल व्यवस्था लागू करना लक्ष्य.

दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. जिन अस्पतालों पर हर दिन हजारों मरीज इलाज के लिए भरोसा करते हैं. उनकी कमान अब महिला डॉक्टरों के हाथ में होगी. पहली बार ऐसा हुआ है जब राजधानी के तीन बड़े केंद्रीय सरकारी अस्पतालों की जिम्मेदारी एक साथ तीन महिला डॉक्टरों को सौंपी गई है. स्वास्थ्य क्षेत्र में इसे एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है.

केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में नए नियुक्ति आदेश जारी किए हैं. इसके तहत डॉ. अखिलांडेश्वरी प्रसाद को अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (ABVIMS) और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल का निदेशक बनाया गया है. वहीं डॉ. हिमानी आहलूवालिया को लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और डॉ. कविता रानी शर्मा को सफदरजंग अस्पताल और वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) की कमान सौंपी गई है.

पहली बार बना ऐसा रिकॉर्ड

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली के सरकारी अस्पताल देश के सबसे बड़े और व्यस्त अस्पतालों में गिने जाते हैं. यहां सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में इन संस्थानों का नेतृत्व करना आसान काम नहीं माना जाता.

अब पहली बार तीन बड़े अस्पतालों की कमान एक साथ महिला डॉक्टरों के हाथ में आई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के इस फैसले को चिकित्सा जगत में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है. कई विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आने वाले समय में और अधिक महिला डॉक्टरों को नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा.

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लगभग तीन दशक का अनुभव लेकर आईं डॉ. अखिलांडेश्वरी प्रसाद

नई जिम्मेदारी संभालने वाली डॉ. अखिलांडेश्वरी प्रसाद का सफर काफी प्रेरणादायक रहा है. उन्होंने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की और गोल्ड मेडल हासिल किया. इसके बाद उन्होंने राम मनोहर लोहिया अस्पताल से रेडियो डायग्नोसिस में एमडी की डिग्री प्राप्त की.

डॉ. प्रसाद करीब 30 साल से अधिक समय से RML अस्पताल और ABVIMS से जुड़ी रही हैं. इस दौरान उन्होंने डॉक्टर, शिक्षक और प्रशासक के रूप में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं. वह रेडियो डायग्नोसिस विभाग की प्रमुख भी रह चुकी हैं.

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उनका कहना है कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी. साथ ही जरूरी सेवाओं को बिना रुकावट जारी रखना और अस्पताल की व्यवस्था को और मजबूत बनाना भी उनके एजेंडे में शामिल है.

मरीजों को मिलेंगी और बेहतर सुविधाएं

नई जिम्मेदारी संभालने के बाद डॉ. प्रसाद ने कई अहम योजनाओं पर काम करने की बात कही है. उनका लक्ष्य अस्पताल में मरीजों को बेहतर और तेज सेवाएं उपलब्ध कराना है.इसके लिए सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक को पूरी तरह शुरू करने, अस्पताल के ढांचे को आधुनिक बनाने और डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देने की तैयारी है. आने वाले समय में कागजों पर निर्भरता कम कर अस्पताल सेवाओं को अधिक डिजिटल बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा.

डॉ. हिमानी आहलूवालिया और डॉ. कविता रानी शर्मा को भी बड़ी जिम्मेदारी

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जहां डॉ. हिमानी आहलूवालिया फिजियोलॉजी विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर हैं, वहीं डॉ. कविता रानी शर्मा एनेस्थीसिया विभाग की अनुभवी विशेषज्ञ मानी जाती हैं. डॉ. कविता रानी शर्मा को इससे पहले मार्च में सफदरजंग अस्पताल के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था. अब स्थायी नियुक्ति के साथ उन्हें अस्पताल की पूरी जिम्मेदारी सौंप दी गई है. वहीं डॉ. हिमानी आहलूवालिया 9 जुलाई से लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की नई निदेशक का कार्यभार संभालेंगी.

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