International Nurses Day: 10वीं या 12वीं के बाद.. नर्स बनने के लिए कब कर सकते हैं प्रोफेशनल कोर्स, शुरुआती सैलरी कितनी?


International Nurses Day: हर साल 12 मई को International Nurses Day मनाया जाता है. यह दिन उन नर्सों को समर्पित होता है, जो दिन-रात मरीजों की देखभाल कर लोगों की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाती हैं. साथ ही आज के समय में नर्सिंग सिर्फ सेवा का काम नहीं, बल्कि एक शानदार करियर ऑप्शन भी बन चुका है. ऐसे में अगर आप 10वीं या 12वीं के बाद मेडिकल फील्ड में जाना चाहते हैं, तो नर्सिंग आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है. वही इस क्षेत्र में देश ही नहीं, विदेशों में भी नौकरी के कई मौके मिलते हैं. 

10वीं और 12वीं के बाद कौन-कौन से कोर्स कर सकते हैं?

नर्स बनने के लिए छात्र 10वीं या 12वीं के बाद अलग-अलग प्रोफेशनल कोर्स कर सकते हैं. जिसमें छात्र 10वीं के बाद ANM यानी ऑक्सिलरी नर्स मिडवाइफरी कोर्स कर सकते हैं.  यह करीब 2 साल का कोर्स होता है. वहीं जो छात्र 12वीं के बाद नर्सिंग करना चाहते है वे लोग GNM और B.Sc Nursing जैसे कोर्स कर सकते हैं. GNM कोर्स लगभग 3 से 3.5 साल का होता है, जबकि B.Sc Nursing 4 साल का डिग्री कोर्स है. साथ ही  B.Sc Nursing करने के लिए ज्यादातर कॉलेजों में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषय जरूरी होते हैं. वही कई संस्थानों में एडमिशन एंट्रेंस एग्जाम के जरिए भी मिलता है.   

एडमिशन के लिए देने होते हैं ये एंट्रेंस एग्जाम

नर्सिंग कोर्स में एडमिशन पाने के लिए कई सरकारी और प्राइवेट संस्थान एंट्रेंस एग्जाम करवाते हैं. जिसमें B.Sc Nursing में दाखिले के लिए AIIMS Nursing, JIPMER Nursing, NEET UG और CUET जैसे एग्जाम महत्वपूर्ण माने जाते हैं. साथ ही कई राज्यों में अलग से स्टेट लेवल नर्सिंग एंट्रेंस टेस्ट भी आयोजित किए जाते हैं. वहीं कुछ प्राइवेट कॉलेज 12वीं के अंकों के आधार पर भी एडमिशन दे देते हैं. इसके अलावा अगर बात करें  GNM और ANM की तो इन कोर्स में कई जगह सीधे एडमिशन मिल जाता है, जबकि कुछ संस्थान लिखित परीक्षा या इंटरव्यू भी लेते हैं.  इसलिए छात्रों को पहले ही यह तय कर लेना चाहिए कि वे किस कॉलेज या संस्थान में एडमिशन लेना चाहते हैं. 

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नर्सिंग में नौकरी के साथ मिलता है सम्मान भी

नर्सिंग का क्षेत्र ऐसा है, जहां नौकरी की कमी नहीं होती. इसमें कोर्स पूरा करने के बाद सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों, क्लीनिक, हेल्थ सेंटर और मेडिकल कॉलेजों में नौकरी मिल सकती है.  इसके अलावा विदेशों में भी भारतीय नर्सों की काफी मांग रहती है.  नर्स मरीजों की देखभाल करने के साथ डॉक्टरों की मदद भी करती हैं.  यही वजह है कि इस प्रोफेशन को काफी सम्मान की नजर से देखा जाता है. वही आज के समय में हेल्थ सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए नर्सिंग प्रोफेशन में भविष्य भी काफी सुरक्षित माना जाता है. 

कितनी होती है शुरुआती सैलरी?

अगर सैलरी की बात करें तो शुरुआत में यह कोर्स और संस्थान पर निर्भर करती है.  ANM कोर्स करने वालों को शुरुआती दौर में लगभग 8 हजार से 12 हजार रुपये तक की सैलरी मिलती है.  वहीं GNM करने वाले उम्मीदवारों को 15 हजार से 22 हजार रुपये तक वेतन मिलता है.  B.Sc Nursing करने वालों की शुरुआती सैलरी कई जगहों पर 25 हजार से 35 हजार रुपये प्रति माह तक पहुंच जाती है. वही सरकारी अस्पतालों में अनुभव बढ़ने के साथ सैलरी और सुविधाएं दोनों बेहतर हो जाती हैं.  यही वजह है कि आज बड़ी संख्या में युवा नर्सिंग को करियर के रूप में चुन रहे हैं.  इंटरनेशनल नर्सेस डे के मौके पर यह कहना गलत नहीं होगा कि नर्सिंग ऐसा पेशा है, जिसमें सेवा, सम्मान और अच्छा भविष्य तीनों मिलते हैं. 

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