डॉक्टरों के लिए बड़ी खबर, NEET SS का कटऑफ 50 से घटाकर हुआ 30 पर्सेंटाइल 


नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने नीट एसएस 2025 का क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल 50 से घटाकर 30 पर्सेंटाइल कर दिया है. ऐसे में अब अपने संबंधित क्वेश्चन पेपर ग्रुप में 30 पर्सेंटाइल या उससे ज्यादा अंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा में क्वालिफाइड माना जाएगा. NBEMS की ओर से जारी नोटिस के अनुसार संशोधित रिजल्ट मेडिकल काउंसलिंग कमेटी के साथ साझा कर दिया गया है. इस बदलाव के बाद उन उम्मीदवारों को भी आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिलेगा, जो 50 पर्सेंटाइल की वजह से क्वालीफाई नहीं कर पाए थे. 

इतने और डॉक्टर को मिलेगा काउंसलिंग का मौका 

NBEMS की ओर से क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल में कटौती करने के बाद लगभग 6000 और अतिरिक्त डॉक्टरों को अब स्पेशल स्ट्रे वेकेंसी राउंड में काउंसलिंग का मौका मिलेगा. जिससे 1857 खाली बची सीटें भरने में मदद मिलेगी.

अलग-अलग ग्रुप के लिए नया कट ऑफ 

प्रश्न पत्र ग्रुप                               30 पर्सेंटाइल पर कटऑफ 

एनेस्थिसियोलॉजी ग्रुप                     249
क्रिटिकल केयर मेडिसिन                254
ईएनटी                                        247
मेडिकल                                     175
मेडिकल ऑन्कोलॉजी                    180
माइक्रोबायोलॉजी                          306
ऑब्स्टेट्रिक्स और गायनेकोलॉजी      325
ऑर्थोपेडिक                                 256
पीडियाट्रिक                                 231
पैथोलॉजी                                    238
फार्माकोलॉजी                              213
साइकियाट्री                                 302
रेडियोडायग्नोसिस                         315
रेस्पिरेटरी मेडिसिन                       285
सर्जिकल                                     243

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रैंक में नहीं होगा कोई बदलाव 

NBEMS ने यह भी साफ किया है कि कट ऑफ कम किए जाने के बावजूद 23 जनवरी 2026 को घोषित क्वेश्चन पेपर ग्रुप स्पेसिफिक रैंक में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसके अलावा उम्मीदवारों को कोई नया स्कोर कार्ड भी जारी नहीं होगा. यानी जिन उम्मीदवारों को अब 30 पर्सेंटाइल के आधार पर क्वालिफाइड माना गया है. उन्हें संशोधित क्वालीफाइंग मानदंड का फायदा मिलेगा, लेकिन पहले जारी की गई ग्रुप स्पेसिफिक रैंक वही रहेगी. 

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MBBS की जानकारी होगी वेरीफाई 

NBEMS ने उम्मीदवारों को आवेदन से जुड़ी जानकारी को लेकर भी जरूरी निर्देश दिए हैं. उम्मीदवारों ने आवेदन के दौरान सभी एमबीबीएस प्रोफेशनल परीक्षा में प्राप्त कुल अंकों का प्रतिशत दर्ज किया था. एडमिशन के समय काउंसलिंग या संबंधित प्रवेश प्राधिकारी इन अंकों का मिलान मूल डॉक्यूमेंट से करेगा.  जिन उम्मीदवारों की रैंक में टाई होने की स्थिति में एमबीबीएस के कुल अंकों का इस्तेमाल किया गया है, उनके स्कोर कार्ड में आवेदन के दौरान दिए गए एमबीबीएस अंकों का उल्लेख रहेगा. अगर डॉक्यूमेंट के वेरिफिकेशन में यह जानकारी गलत पाई जाती है और इसी जानकारी का इस्तेमाल रैंक में टाई तोड़ने के लिए हुआ, तो संबंधित उम्मीदवार की नीट एसएस 2025 की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है. 

अनुचित साधन इस्तेमाल करने पर भी कार्रवाई 

NBEMS ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा के किसी भी स्तर पर अगर कोई उम्मीदवार अनुचित साधनों का इस्तेमाल करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ NBEMS , MCC या संबंधित काउंसलिंग अथॉरिटी की ओर से कार्रवाई की जा सकती है. ऐसे उम्मीदवारों को सफल घोषित किए जाने की स्थिति में उनका रिजल्ट रद्द किया जा सकता है. इसके अलावा अगर उम्मीदवार को किसी तरह की परेशानी हो तो वह हेल्पलाइन नंबर 011-45593000 पर कांटेक्ट कर सकता है.

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