एमपी पुलिस में खत्म किए जा रहे 63 पद, जानें क्यों लिया गया यह फैसला?


मध्य प्रदेश पुलिस अपने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. पुलिस मुख्यालय की नीति निर्धारण समिति ने ऐसे 122 डीएसपी पदों की पहचान की है, जिनका मौजूदा व्यवस्था में उपयोग नहीं रह रहा है. इनमें से 63 पद खत्म करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इन पदों से मिलने वाले संसाधनों का इस्तेमाल अब साइबर अपराधों से निपटने और जिलों की पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने में किया जाएगा. पुलिस मुख्यालय की ओर से तैयार प्रस्ताव को प्रबंधन शाखा को भेजा गया है. परीक्षण के बाद इसे शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. इसके बाद ही पद खत्म करने का अंतिम फैसला लिया जाएगा.

15 साल से नहीं हुई एंटी डकैती डीएसपी की तैनाती 

पुराने ढांचे में मौजूद कुछ पद बदलती जरूरतों के बीच लगभग अप्रासंगिक हो चुके हैं. मध्य प्रदेश को डकैत मुक्त घोषित हुए 15 साल हो चुके हैं, लेकिन डीएसपी एंटी डकैती का पद अभी तक पुलिस के दस्तावेजों में मौजूद है. इस पद पर करीब डेढ़ दशक से किसी अधिकारी की तैनाती नहीं हुई. इस तरह डीएसपी लाइन और डीएसपी लीव रिजर्व जैसे पद भी मौजूदा जरूरतों के हिसाब से उपयोगी नहीं रह गए हैं. इसके अलावा कई जिलों में महिला अपराध और अजाक के लिए अलग-अलग डीएसपी पद है, जबकि पुलिस के आकलन के अनुसार दोनों जिम्मेदारियां एक अधिकारी को दी जा सकती हैं. 

साइबर विंग में बढ़ेंगे 115 पद 

63 पद खत्म करने के बाद तैयार होने वाले नए ढांचे में सबसे बड़ा हिस्सा साइबर विंग को देने का प्रस्ताव है. यहां डीएसपी से लेकर सिपाही तक कुल 115 नए पर जोड़ी जाएंगे. इनमें 8 डीएसपी पद शामिल है. साइबर विंग में 15 डीएसपी सेंटर के लिए 20 इंस्पेक्टर और 22 सब इंस्पेक्टर के पद बढ़ाने का प्रस्ताव है. 10 डीएसपी सेंटरों पर 20 हवलदार और 15 सेंटरों पर 45 सिपाही के पद भी जोड़े जाएंगे. इसका उद्देश्य साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच के लिए फील्ड स्तर तक पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध करना है.

See also  Allahabad University BA, BEd Admission 2026: Registration opens, apply by July 15 at alldunivcuet.samarth.edu.in

जिलों में भी बदलेगा पुलिस का ढांचा 

प्रस्ताव में जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 40 नए डीएसपी हेडक्वार्टर पद बनाने की बात है. यह अधिकारी दफ्तर प्रबंधन के साथ ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी भी देखेंगे. इसके अलावा 8 नए पुलिस सब डिवीजन बनाए जाने का प्रस्ताव है. जहां सीएसपी या एसडीओपी की तैनाती होगी. पुलिस मुख्यालय के लिए 4 नए डीएसपी पद और हाई कोर्ट समन्वय के लिए तीन नए डीएसपी पद भी प्रस्तावित है. चार नए जिलों में महिला अपराध और अजाक की जिम्मेदारी के लिए भी डीएसपी पद बनाए जाएंगे. 

ये भी पढ़ें-NEET UG काउंसलिंग राउंड 2 सीट अलॉटमेंट का रिजल्ट जारी, 12 सितंबर से रिपोर्टिंग

साइबर थानों को सीधी मिल सकेंगे जांच अधिकारी 

प्रस्ताव लागू होने के बाद 57 दिनों में प्रस्तावित साइबर थानाें को जांच अधिकारियों की उपलब्धता का फायदा मिलने की उम्मीद है. नई भर्ती का इंतजार किए बिना मौजूदा पदों के पुनर्गठन से स्टाफ उपलब्ध कराया जा सकेगा. इससे ऑनलाइन फ्रॉड जैसे मामलों में कार्रवाई तेजी से करने, रकम को समय रहते फ्रीज कराने और रिकवरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है. वहीं 40 जिलों में डीएसपी हेड क्वार्टर की व्यवस्था होने से संबंधित मामलों और ट्रैफिक की निगरानी भी बेहतर हो सकेगी. 

अंतिम मंजूरी के बाद होगा फैसला 

मध्य प्रदेश पुलिस में डीएसपी स्तर के 1009 और एएसपी स्तर के 265 पद हैं. पुराने पदों के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी शासन के पास मंजूरी की प्रक्रिया में जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद ही नए पड़े को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

See also  Bihar Police ASI Admit Card 2026 released, download hall ticket for July 22 exam here

ये भी पढ़ें-UGC NET जून 2026 री-एग्जाम की प्रोविजनल आंसर की जारी, 13 सितंबर तक दर्ज कराएं आपत्ति

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required