राम मंदिर के CEO जितेंद्र मिश्रा कितने पढ़े-लिखे, जानें उनकी एजुकेशन


भारतीय वायु सेना के पूर्व अधिकारी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का सीईओ नियुक्त किया गया. जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला पूर्णकालिक सीईओ नियुक्त किया गया है. भारतीय वायु सेना में करीब 4 दशक तक सेवा देने वाले जितेंद्र मिश्रा अपने लंबे सेन्य अनुभव और कई जरूरी पदों पर काम करने के लिए जाने जाते हैं. वह पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रह चुके हैं और 30 अप्रैल 2026 को भारतीय वायु सेवा से रिटायर्ड हुए थे.

राम मंदिर के सीईओ के तौर पर अब उनके सामने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था और अलग-अलग स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी होगी. जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति 5,585 आवेदनों में से चुने गए तीन उम्मीदवारों को शार्ट लिस्ट के बाद की गई. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि एयर मार्शल रिटायर्ड जितेंद्र मिश्रा कितने पढ़े लिखे हैं और उनकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन क्या है. 

एनडीए के पूर्व छात्र रहे हैं जितेंद्र मिश्रा

जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायु सेना के फाइटर स्ट्रीम से जुड़े अधिकारी हैं. उन्होंने नेशनल डिफेंस अकेडमी पुणे से ट्रेनिंग ली.  उनके सर्विस रिकॉर्ड में 69 एनडीए कोर्स का जिक्र है, जिसमें उन्होंने दिसंबर 1985 से कैडेट के तौर पर ट्रेनिंग ली. इसके बाद उन्होंने भारतीय वायु सेना में अलग-अलग विशेषज्ञता वाली ट्रेनिंग और कोर्स भी किए. वह एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल, बेंगलुरु से जुड़े रहे और टेस्ट पायलट के तौर पर भी अपनी सेवाएं दी. इसके अलावा वह एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज यूएसए के पूर्व छात्र भी हैं. उनके प्रोफेशनल बैकग्राउंड में रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडी यूके से जुड़ी ट्रेनिंग भी शामिल है. 

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1986 में वायु सेना में हुए शामिल

जितेंद्र मिश्रा को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में पायलट के तौर पर कमीशन मिला. उनका सर्विस नंबर 18575 एफ (पी) था और वह फाइटर स्ट्रीम से जुड़े थे. वायु सेना में करीब 40 साल के करियर के दौरान उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाली. उनकी पदोन्नति का सफर भी लंबा रहा. वह 6 दिसंबर 1991 को फ्लाइट लेफ्टिनेंट, 5 मई 2003 को विंग कमांडर, 2 मार्च 2009 को ग्रुप कैप्टन और 17 जून 2013 को एयर कमोडोर बने. इसके बाद 1 जुलाई 2019 को एयर वाइस मार्शल और 1 जनवरी 2023 को मार्शल के पद पर पदोन्नति हुई. 

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पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख रहे जितेंद्र मिश्रा 

जितेंद्र मिश्रा ने 1 जनवरी 2025 को कमांडर-इन-चीफ के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी. इसके बाद वह भारतीय वायुसेना की वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ बने. यह वायु सेवा में उनके अंतिम वरिष्ठ पदों में से एक था. वह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न एयर कमांड का नेतृत्व भी कर रहे थे. इसके बाद 30 अप्रैल 2026 को रिटायर होने के बाद अब उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पहले सीईओ के जिम्मेदारी दी गई. 

कितनी मिलेगी सैलरी? 

राम मंदिर के सीईओ पद के लिए आवेदन प्रक्रिया के दौरान ही यह बताया गया था कि चयनित अधिकारी की सैलरी और अलाउंस आपसी सहमति से तय किए जाएंगे. नियुक्ति 3 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर होगी और अधिकारी को अयोध्या में रहना होगा. इसके अलावा राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार सीईओ को सरकारी वाहन, आवास, सुरक्षा व्यवस्था और दूसरी सुविधाएं राम मंदिर ट्रस्ट के फंड से दी जाएगी.

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