Courses After Retirement: रिटायरमेंट के बाद भी कर सकते हैं ये कोर्स, होगी तगड़ी इनकम


Courses After Retirement : रिटायरमेंट का मतलब अब सिर्फ नौकरी छोड़कर घर बैठ जाना नहीं रह गया है.  बदलते समय के साथ 60 साल की उम्र के बाद भी कई लोग खुद को एक्टिव और आर्थिक रूप से मजबूत रखना चाहते हैं. सालों तक नौकरी करने के बाद मिला एक्सपीरियंस आज रिटायरमेंट वाले लोगों के लिए सबसे बड़ी ताकत बन सकता है. ऐसे में रिटायरमेंट के बाद कोई नया कोर्स सीखकर दोबारा काम शुरू करना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. खास बात यह है कि कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां उम्र से ज्यादा आपके एक्सपीरियंस, स्किल और काम करने की क्षमता मायने रखती है. आप अपनी सुविधा के हिसाब से पार्ट-टाइम, फ्रीलांस या कंसल्टेंसी का काम कर सकते हैं और साथ ही अपनी पेंशन और सेविंग्स को भी बनाए रख सकते हैं. तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि रिटायरमेंट के बाद भी कौन से कोर्स कर सकते हैं जिससे तगड़ी इनकम होगी.

रिटायरमेंट के बाद भी कौन से कोर्स कर सकते हैं?

1.  डिजिटल मार्केटिंग – डिजिटल मार्केटिंग रिटायरमेंट के बाद सीखने के लिए एक अच्छा क्षेत्र हो सकता है. इसमें SEO, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और ऑनलाइन विज्ञापन जैसी स्किल सिखाई जाती हैं. कोर्स पूरा करने के बाद स्थानीय बिजनेस के लिए ऑनलाइन प्रमोशन, कंटेंट या सोशल मीडिया से जुड़े काम किए जा सकते हैं. जानकारी के अनुसार, फ्रीलांसर अपनी स्किल और प्रोजेक्ट के आधार पर 20 हजार से 1.50 लाख रुपये महीने तक कमा सकते हैं. 

2. फाइनेंशियल प्लानिंग और टैक्स  कंसल्टेंसी – अगर आपको निवेश, पैसे और टैक्स से जुड़े मामलों की अच्छी समझ है तो Certified Financial Planner (CFP) कोर्स एक ऑप्शन हो सकता है. इसमें वेल्थ मैनेजमेंट, रिटायरमेंट प्लानिंग और टैक्स स्ट्रैटेजी से जुड़ी जानकारी मिलती है. इसके अलावा GST और टैक्सेशन कोर्स के जरिए छोटे कारोबारियों और लोगों को टैक्स फाइलिंग में मदद की जा सकती है. Mutual Fund Distributor Certification भी इस क्षेत्र में काम करने का रास्ता खोल सकता है. 

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3. एडवांस एक्सेल और Power BI –  जिन लोगों को कॉरपोरेट काम का एक्सपीरियंस है, उनके लिए Advanced Excel और Power BI यूजफुल स्किल हो सकती है. इनकी मदद से डेटा मैनेजमेंट और बिजनेस कंसल्टिंग से जुड़े प्रोजेक्ट किए जा सकते हैं. 

4. कॉरपोरेट ट्रेनिंग और मेंटरिंग – लंबे समय तक किसी फील्ड में काम करने वाले रिटायर्ड प्रोफेशनल अपने एक्सपीरियंस को दूसरों के साथ शेयर कर सकते हैं. इसके लिए Corporate Coaching जैसे कोर्स किए जा सकते हैं और लीडरशिप या सॉफ्ट स्किल्स पर वर्कशॉप ली जा सकती हैं.

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5.  ऑनलाइन टीचिंग और कंटेंट राइटिंग – पढ़ाने का एक्सपीरियंस रखने वाले लोग ऑनलाइन ट्यूटर, गेस्ट फैकल्टी या शिक्षक के तौर पर काम कर सकते हैं. वहीं, लिखने का शौक रखने वाले ब्लॉगिंग, कंटेंट राइटिंग या एडिटिंग के जरिए कमाई कर सकते हैं. इसके लिए Life या Career Coaching का कोर्स किया जा सकता है. इसके जरिए युवा प्रोफेशनल्स को करियर से जुड़ी सलाह और गाइडेंस दिया जा सकता है. 

6. बुक कीपिंग और अकाउंटिंग – रिटायरमेंट के बाद बुक कीपिंग और अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर जैसे Tally या QuickBooks सीखना भी काम आ सकता है. इससे छोटे बिजनेस के वित्तीय रिकॉर्ड और पेरोल से जुड़े काम किए जा सकते हैं. वहीं, कॉरपोरेट गवर्नेंस और कंप्लायंस का कोर्स पूर्व मैनेजर और अधिकारियों के लिए अच्छा हो सकता है. 

7. सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स – मैन्युफैक्चरिंग, शिपिंग या इन्वेंट्री मैनेजमेंट का एक्सपीरियंस रखने वाले रिटायर्ड प्रोफेशनल्स के लिए Supply Chain and Logistics Management भी एक ऑप्शन है. इस क्षेत्र में अपनी पुरानी विशेषज्ञता के आधार पर फ्रीलांस कंसल्टिंग का काम किया जा सकता है. 

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