आंसर-की चैलेंज करने के लिए NTA क्यों लेता है फीस, IIT-UPSC में क्यों नहीं होता ऐसा?


NTA Answer Key Challenge Fee: इस साल एनडीए की ओर से कराई गई कई परीक्षाओं में गड़बड़ियां सामने आई. जिसके बाद एनटीए को लेकर कई बार सवाल भी उठे और देशभर में पेपर लीक के खिलाफ प्रोटेस्ट भी हुआ. अभी भी एनटीए की ओर से कराई गई, नीट यूजी परीक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. एनटीए को लेकर एक सवाल यह भी उठा है कि एनटीए आंसर-की चैलेंज करने के लिए स्टूडेंट से फीस क्यों लेता है, जबकि आईआईटी- यूपीएससी में ऐसा नहीं होता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि एनटीए आंसर-की चैलेंज करने की फीस क्यों लेता है?

 आंसर की चैलेंज करने पर NTA को देनी पड़ती है फीस 

नीट यूजी जैसी परीक्षा आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी उम्मीदवारों को प्रोविजनल आंसर-की जारी होने के बाद उस पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका देती है. इसके लिए प्रत्येक प्रश्न पर 200 रुपये का शुल्क लिया जाता है. री-नीट 2026 के बाद एनटीए ने उम्मीदवारों को स्कैन की गई ओएमआर शीट और मशीन से रिकॉर्ड किए गए उत्तरों का मिलान करने की सुविधा भी दी है. अगर किसी छात्र को ओएमआर रिकॉर्डिंग में गड़बड़ी लगती है, तो वह उस पर भी आपत्ति दर्ज कर सकता है, लेकिन इसके लिए भी प्रति आपत्ति 200 रुपये का पेमेंट करना पड़ता है. यही व्यवस्था कई छात्रों के बीच सवाल खड़ा करती है कि अगर गलती परीक्षा एजेंसी की प्रक्रिया में हुई है, तो उसे पहचानने के लिए उम्मीदवारों से फीस क्यों ली जाए. 

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IIT में बिना फीस दर्ज होती है आपत्ति 

आईआईटी की ओर से आयोजित JEE Advanced, GATE और JAM जैसी परीक्षाओं में भी प्रोविजनल आंसर-की जारी की जाती है उम्मीदवारों को उसे पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलता है. लेकिन इसके लिए कोई फीस नहीं ली जाती. उम्मीदवारों को अपने दावे के समर्थन में प्रमाणित शैक्षणिक सोर्स देने होते हैं. इसके बाद विषय एक्सपर्ट सभी आपत्तियों की समीक्षा करते हैं और अगर कोई गलती पाई जाती है, तो अंतिम आंसर-की में सुधार कर दिया जाता है. इसका लाभ सभी उम्मीदवारों को समान रूप से मिलता है. 

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UPSC ने भी अपनाया पारदर्शी मॉडल 

संघ लोक सेवा आयोग ने भी 2026 से सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिए पहली बार प्रोविजनल आंसर की जारी करने और उस पर आपत्ति दर्ज करने की व्यवस्था शुरू की. यूपीएससी इस प्रक्रिया के लिए भी उम्मीदवारों से कोई फीस नहीं लेता, हालांकि उम्मीदवारों को हर आपत्ति के साथ कम से कम तीन प्रमाणित और विश्वसनीय शैक्षणिक संदर्भ देना अनिवार्य होता है. इसके बाद एक्सपर्ट की समिति आपत्तियों की जांच करती है और आवश्यक होने पर अंतिम आंसर की में बदलाव किया जाता है 

NTA आंसर की चैलेंज के लिए क्यों लेता है फीस?

एनटीए उम्मीदवारों से आंसर-की या ओएमआर पर आपत्ति दर्ज करने के लिए प्रति प्रश्न 200 रुपये फीस लेता है. एजेंसी का मानना है कि इससे केवल गंभीर और तथ्यों के आधार पर की गई आपत्तियां ही सामने आएगी और बेवजह या बड़ी संख्या में आने वाले फर्जी दावों को रोका जा सकेगा. उम्मीदवारों को अपने आपत्ति के समर्थन में शैक्षणिक प्रमाण भी देने होते हैं. हालांकि इस व्यवस्था पर कई बार सवाल उठे हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आंसर की या ओएमआर में गलती परीक्षा एजेंसी की प्रक्रिया से हुई है, तो उसे पहचानने और सुधारने के लिए उम्मीदवार से फीस लेना उचित नहीं माना जा सकता, क्योंकि किसी एक प्रश्न की गलती का असर केवल एक छात्र पर नहीं, बल्कि उस प्रश्न को हल करने वाले सभी अभ्यर्थियों पर पड़ता है.

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