NEET Counselling: चॉइस लॉक करते समय इन बातों का रखें ध्यान, गंवा सकते हैं MBBS सीट


NEET Counselling 2026 : NEET UG 2026 का रिजल्ट आने के बाद अब लाखों छात्र काउंसलिंग प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे. मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने अब NEET UG 2026 काउंसलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया है. पहले राउंड के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 5 अगस्त 2026 से शुरू होंगे, जबकि आवेदन की अंतिम तारीख 12 अगस्त तय की गई है.

इस प्रक्रिया के जरिए देशभर के सरकारी, प्राइवेट और डीम्ड मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS और B.Sc Nursing जैसी सीटों पर एडमिशन मिलेगा. हालांकि, काउंसलिंग के दौरान की गई एक छोटी-सी गलती भी अच्छी रैंक वाले उम्मीदवार की MBBS सीट छीन सकती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि चॉइस लॉक करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. 

NEET UG काउंसलिंग क्या है?

मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए उम्मीदवारों को MCC या संबंधित राज्य की काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेना जरूरी होता है. सुप्रीम कोर्ट और NMC के नियमों के अनुसार कोई भी मेडिकल कॉलेज सीधे किसी छात्र को एडमिशन नहीं दे सकता है. काउंसलिंग के दौरान ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, फीस जमा करना, चॉइस फिलिंग, चॉइस लॉकिंग, सीट अलॉटमेंट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, कॉलेज में रिपोर्टिंग और जरूरत पड़ने पर अगले राउंड में अपग्रेडेशन जैसी पूरी प्रक्रिया पूरी करनी होती है. इसके साथ ही 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में जरूरी न्यूनतम अंक भी देखे जाते हैं. सामान्य वर्ग के लिए 50 प्रतिशत और SC, ST तथा OBC वर्ग के लिए 40 प्रतिशत अंक जरूरी हैं.

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चॉइस लॉक करते समय इन बातों का रखें ध्यान

1. सिर्फ बड़े मेडिकल कॉलेज ही न चुनें – कई छात्र  सिर्फ बड़े और फेमस मेडिकल कॉलेजों की चॉइस भरते हैं. ऐसा करने से सीट मिलने की संभावना कम हो सकती है. इसलिए अपनी रैंक के अनुसार ऐसे कॉलेज भी शामिल करें जहां एडमिशन मिलने की संभावना ज्यादा हो. 

2. समय रहते चॉइस लॉक करें – चॉइस भरने के बाद उसे तय समय के अंदर लॉक करना बेहद जरूरी है. आखिरी समय तक इंतजार करने पर सर्वर की समस्या या तकनीकी दिक्कत आ सकती है. इसलिए समय रहते अपनी चॉइस लॉक कर दें. 

3. कॉलेज की फीस और बॉन्ड की जानकारी जरूर देखें –  कॉलेज चुनने से पहले उसकी सालाना फीस, हॉस्टल फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट, बॉन्ड की अवधि, बॉन्ड पेनल्टी और स्टाइपेंड जैसी सभी जानकारी जरूर देख लें. बाद में इन नियमों की वजह से परेशानी हो सकती है. 

4. कैटेगरी से जुड़ी जानकारी सही भरें – अगर आप EWS, SC, ST, OBC या PwD कैटेगरी का फायदा लेना चाहते हैं तो आपके पास वैध प्रमाण पत्र होना जरूरी है. गलत जानकारी या अमान्य प्रमाण पत्र मिलने पर आपका दावा रद्द हो सकता है. 

5. सभी डॉक्यूमेंट्स की जानकारी मिलाएं – NEET स्कोरकार्ड, आधार कार्ड, 10वीं-12वीं की मार्कशीट और बाकी डॉक्यूमेंट्स में नाम, जन्मतिथि, जेंडर और कैटेगरी जैसी जानकारी एक जैसी होनी चाहिए. कोई भी फॉर्म भरने से पहले सभी विवरण ध्यान से जांच लें. 

6. रिपोर्टिंग में देरी न करें – सीट मिलने के बाद तय समय के अंदर कॉलेज में रिपोर्ट करना जरूरी है. अगर उम्मीदवार समय पर रिपोर्ट नहीं करता तो उसकी सीट रद्द हो सकती है और आगे की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है. 

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7. सीट छोड़ने से पहले नियम जरूर समझें – अगर किसी उम्मीदवार को सीट मिल जाती है लेकिन वह बाद में उसे छोड़ देता है, तो कई राज्यों में सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त होने, जुर्माना लगने या अगले राउंड में रोक जैसी कार्रवाई हो सकती है. इसलिए सीट छोड़ने से पहले MCC और संबंधित राज्य के नियम जरूर पढ़ लें. 

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