neet pg 2026 analyzing key exam pattern changes


दरअसल, नीट पीजी परीक्षा से पहले कई मुख्य बदलाव देखने मिले हैं। अगर आप पोस्टग्रेजुएट मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET PG) की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। लाखों उम्मीदवारों के लिए यह खबर काफी राहत से भरी हो सकती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने परीक्षा से पहले कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। 

अब अभ्यर्थी अपनी पसंद के तीन परीक्षा शहरों का चयन कर सकता है और उन्हें परीक्षा से करीब 3 सप्ताह पहले एग्जाम सेंटर की जानकारी प्राप्त होगी। आइए आपको अन्य बड़े बदलावों के बारे में बताते हैं।

क्या हैं NEET PG 2026 के 5 बड़े बदलाव?

घर के नजदीक परीक्षा केंद्र चुनने की सुविधा

इस बदलाव के बाद से अब उम्मीदवार परीक्षा केंद्र के लिए अपनी पसंद के तीन राज्यों का चयन कर पाएगा। इसमें पत्राचार वाले राज्य को पहली प्राथमिकता देना जरुरी है। जिसके चलते उम्मीदवारों को दूर-दराज के राज्यों में परीक्षा देने के लिए यात्रा नहीं करनी होगी। 

परीक्षा शहर की जानकारी पहले मिलेगी

अब छात्रों को परीक्षा से करीब 3 सप्ताह पहले उनके परीक्षा शहर की जानकारी प्राप्त होगी। वैसे पहले यह जानकारी अक्सर परीक्षा से कुछ दिन पहले मिलती थी, जिससे लोगों को यात्रा करने और ठहरने की व्यवस्था में काफी परेशानी देखने को मिलती थी।

परीक्षा पैटर्न में बदलाव

इन नए बदलावों के कारण अब  NEET PG 2026 में सिर्फ 180 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) पूछे जाएंगे, जबकि पहले 200 प्रश्न होते थे। एग्जाम की कुल अवधि 210 मिनट ही रहेगी। कम प्रश्न होने से उम्मीदवारों को हर एक सवाल हल करने का अधिक समय मिल जाएगा।

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एक ही शिफ्ट में होगी परीक्षा

अबकी बार NEET PG परीक्षा सिंगल शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। मंत्रालय का कहना है कि इससे सभी उम्मीदवारों को समान कठिनाई स्तर का प्रश्नपत्र मिलेगा और मूल्यांकन प्रक्रिया भी निष्पक्ष रहेगी।

सुरक्षा व्यवस्था रहेगी मजबूत

परीक्षा में आधार सत्यापन, बायोमेट्रिक और जरुरत पड़ने पर आइरिस स्कैन का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को एन्फ्रिप्शन और सुरक्षित डिजिटल सिस्टम से संरक्षित किया गया है। वहीं, परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए 60,000 से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। 

इस साल परीक्षा में 2.73 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण करवाया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 12.5 प्रतिशत अधिक है। इस बार परीक्षा केंद्रों की पहले से जांच, CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, उम्मीदवारों की तलाशी, सिग्नल जैमर, लाइव मॉनिटरिंग और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की निगरानी शामिल होगी। 



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