एक वर्षीय PG कोर्स में सीटें बढ़ाने की मांग पर ABVP का प्रदर्शन, प्रशासन पर छात्र हितों की अनदेखी का आरोप
दिल्ली विश्वविद्यालय में एक वर्षीय स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों में सीमित सीटों को लेकर छात्र असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है. इसी मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की दिल्ली इकाई ने कला संकाय के बाहर प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आवाज उठायी. प्रदर्शन के बाद परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने डीयू रजिस्ट्रार प्रो. विकास गुप्ता को ज्ञापन सौंपते हुए एक वर्षीय PG पाठ्यक्रमों में तत्काल सीटें बढ़ाने की मांग की. प्रदर्शन में विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों के बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए.
चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के बाद सीटों की कमी बना बड़ा मुद्दा
ABVP का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उसके अनुरूप एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में सीटें नहीं बढ़ाई गई हैं. ऐसे में बड़ी संख्या में योग्य और पात्र छात्र केवल सीटों की कमी के कारण प्रवेश से वंचित हो रहे हैं. परिषद ने मांग की कि सभी एक वर्षीय PG पाठ्यक्रमों में पर्याप्त सीट वृद्धि की जाए ताकि किसी भी योग्य विद्यार्थी को उच्च शिक्षा से वंचित न होना पड़े.
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रशासन के सामने रखीं मांगें
कला संकाय के बाहर आयोजित प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उच्च शिक्षा तक समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश क्षमता बढ़ाना जरूरी है. छात्रों ने एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में शीघ्र सीट वृद्धि की मांग करते हुए प्रशासन से इस मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया.
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ABVP बोली- सीटों की कमी छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय
अभाविप दिल्ली के प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय देशभर के लाखों विद्यार्थियों की पहली पसंद है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में सीटों की कमी छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय कर रही है. उनका कहना था कि चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के बाद एक वर्षीय PG पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल प्रभाव से सीटों में पर्याप्त वृद्धि करनी चाहिए.
आंदोलन के बाद बनी समिति, 10 दिन में निर्णय का दावा
अभाविप के अनुसार प्रदर्शन और ज्ञापन के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने अधिष्ठाता (नामांकन) के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया है. यह समिति एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में सीट वृद्धि से जुड़े मुद्दे पर अध्ययन कर 10 दिनों के भीतर छात्रों के हित में निर्णय लेने का प्रयास करेगी. विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है तो छात्रों के हित में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.
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