IIT Kanpur Alumnus Siddharth Saxena Merlin AI Startup Success Story


  • Hindi News
  • Career
  • IIT Kanpur Alumnus Siddharth Saxena Merlin AI Startup Success Story

2 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

कम उम्र में करोड़ों की कमाई करने वाले युवाओं में सिद्धार्थ सक्सेना का नाम शामिल हो गया है। उन्होंने एक ही दिन में लगभग 8 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी 77 करोड़ कमाने का दावा किया है। सिद्धार्थ IIT कानपुर के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री ली।

वे ऐसे युवा एंटरप्रेन्योर हैं, जिन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। महज 26 साल की उम्र में उन्होंने एक ही दिन में रिकॉर्ड तोड़ कमाई की है।

सिद्धार्थ राजस्थान में अलवर के रहने वाले हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय टेक कंपनियों में रिसर्च एवं डेवलपमेंट से जुड़े।

QuoteImage

The IIT alum who earned Rs 76.99 crore in one day.> be Siddhartha Saxena> IIT Kanpur, computer science> works as a machine learning engineer at Envestnet, Yodlee, Wadhwani AI, Aalto University in Finland, Jumio Corporation in Canada> 2022, starts Merlin, an AI Chrome… pic.twitter.com/M7XPf3NtSS— Chandana 🌻✨ (@RoseOnX9) July 15, 2026

QuoteImage

कैसे शुरू हुआ Merlin?

साल 2022 में सिद्धार्थ ने अपने IIT कानपुर के बैचमेट्स प्रत्युष राय और सिरसेंदु सरकार के साथ मिलकर ‘मर्लिन’ को लॉन्च किया। यह एक ऐसा AI-पावर्ड क्रोम एक्सटेंशन है जो यूजर की प्रोडक्टिविटी को कई गुना बढ़ा देता है।

आज इस स्टार्टअप की वैल्यू करीब 415 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। इसके साथ ही, सिद्धार्थ ने मर्लिन के बाद थाईन (Thine) नामक एक अन्य AI स्टार्टअप भी शुरू किया।

मर्लिन प्रोफेशनल्स के लिए उपयोगी AI टूल

See also  Indian Air Force recruitment 2018: Serve as a Commissioned Officer, apply for AFCAT II | Jobs News

मर्लिन का मुख्यालय अमेरिका में है। यह AI टूल क्रोम एक्सटेंशन के रूप में उपलब्ध है। इसका उपयोग वेब, डेस्कटॉप और मोबाइल पर किया जा सकता है। यह छात्रों, कंटेंट क्रिएटर्स, मार्केटर्स और प्रोफेशनल्स के लिए उपयोगी AI टूल है। फोर्ब्स की 30 Under 30 Asia 2024 लिस्ट में Merlin के तीनों संस्थापकों को शामिल किया गया था।

Thine सिद्धार्थ सक्सेना का दूसरा AI स्टार्टअप है। इसका मुख्यालय पालो ऑल्टो (कैलिफोर्निया, अमेरिका) में है। सिद्धार्थ ये मानते हैं कि IIT कानपुर के कंप्यूटर साइंस कोर्स में एडमिशन पाना बेहद कठिन होता है जिसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।

ये हार्वर्ड में एडमिशन से 20 गुना कठिन है। कानपुर में पढ़ाई के दौरान ही उनकी रुचि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग में हुई जिसने आगे चलकर उनके करियर की दिशा तय की।

सिद्धार्थ ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर शुरुआती फोकस किया। उसके बाद ग्लोबल मार्केट को ध्यान में रखकर स्टार्टअप की स्थापना। इसे ही उनकी कामयाबी की सबसे बड़ी वजह माना जाता है।

सिद्धार्थ का मानना है कि बिजनेस में कामयाब होने के लिए सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि सही सोच भी जरूरी है। उनके अनुसार, लोगों को सीमित सोच छोड़कर बड़े अवसरों को देखने और समझदारी से जोखिम लेने की मानसिकता अपनाना चाहिए।

ये खबर भी पढ़ें

मस्‍क ने ट्विटर से निकाला तो खड़ी की अपनी कंपनी: पराग जैन ने शुरू की पैरेलल वेब सिस्‍टम्स; दो साल में कमाए 19 हजार करोड़

पराग अग्रवाल इंडियन अमेरिकन सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। 29 नवंबर 2021 को ट्विटर के सह-संस्थापक जैक डॉर्सी ने CEO पद छोड़ते समय पराग को कंपनी का अगला CEO घोषित किया था। लेकिन अक्टूबर 2022 में एलन मस्क ने ट्विटर का अधिग्रहण किया तो पराग को इस पद से हटा दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें

See also  7,500 police personnel to be recruited in Haryana: DGP | Jobs News

खबरें और भी हैं…





Source link

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required