NCERT की चेतावनी! सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फर्जी किताबों से रहें सावधान


यदि आप भी NCERT की नई किताबों का इंतजार कर रहे हैं और सोशल मीडिया या किसी मैसेजिंग ग्रुप से उन्हें डाउनलोड कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं. NCERT की तरफ से चेतावनी जारी की गई है. NCERT ने कहा है कि उसकी कई किताबों की पायरेटेड और अनधिकृत कॉपियां सोशल मीडिया, वेबसाइटों और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर प्रसारित की जा रही हैं, जिन पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है.

NCERT के अनुसार हाल ही में कक्षा 9 की सोशल साइंस की किताब का एक फर्जी और अनधिकृत संस्करण सोशल मीडिया पर वायरल पाया गया है. कई वेबसाइटें और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इसे असली NCERT बुक बताकर छात्रों तक पहुंचा रहे हैं, जबकि इसका NCERT से कोई संबंध नहीं है.

NCERT ने कहा कि किताबें केवल उसके आधिकारिक माध्यमों से ही प्रकाशित और जारी की जाती हैं. किसी भी किताब को आधिकारिक लॉन्च से पहले सार्वजनिक रूप से साझा करने की अनुमति नहीं होती है. ऐसे में जो सामग्री सोशल मीडिया या अन्य अनधिकृत स्रोतों पर उपलब्ध है, वह गलत, अधूरी, छेड़छाड़ की गई या पूरी तरह से फर्जी हो सकती है.

NCERT ने की अपील

वहीं, NCERT ने छात्रों और शिक्षकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से ही किताबें प्राप्त करें. डिजिटल किताबें मुफ्त में NCERT की वेबसाइट और ई-पाठशाला (ePathshala) पोर्टल पर उपलब्ध हैं, जबकि मुद्रित प्रतियां अधिकृत विक्रेताओं से खरीदी जा सकती हैं.

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पढ़ाई हो सकती है प्रभावित

इस तरह की स्थिति में सोशल मीडिया पेज, ऐप्स, लिंक या ग्रुप्स से दूरी बनाए रखें जो NCERT की किताबें या लॉन्च से पहले का अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने का दावा करते हैं. इन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध सामग्री भ्रामक हो सकती है और छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित कर सकती है.

ये करना है अपराध

NCERT ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि उसकी कॉपीराइट सामग्री की बिना अनुमति छपाई, पुनर्प्रकाशन, वितरण या डिजिटल शेयरिंग कानूनन अपराध है. यह कॉपीराइट एक्ट 1957 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत दंडनीय है.

होगी कानूनी कार्रवाई
NCERT ने कहा है कि फर्जी किताबों और पायरेसी में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है. ऐसे में छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अनधिकृत सामग्री पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों का ही उपयोग करें.

किताब पर छिड़ा नया विवाद
उधर, NCERT की क्लास 6 की कन्नड़ पाठ्यपुस्तक ‘कृष्णा’ को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है. शिक्षा अधिकार संगठन PAFRE ने किताब में धार्मिक संदर्भों और शाकाहार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है, जबकि NCERT ने सफाई देते हुए कहा कि किताब का नाम कर्नाटक की कृष्णा नदी पर रखा गया है और इसमें केवल संतुलित आहार की जानकारी दी गई है. किसी विशेष खानपान या धार्मिक विचारधारा का प्रचार नहीं किया गया है.

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