japan world bank joint scholarship indian students receive full funding for masters degree
हर साल हजारों की संख्या में भारतीय स्टूडेंट्स विदेश में पढ़ाई के लिए जाने हैं। इनमें से बहुत से छात्र ऐसे भी हैं, जो मास्टर्स डिग्री ले रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी विदेश जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं, लेकिन विदेश में पढ़ाई पर होने वाले खर्च को लेकर परेशान हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। दरअसल, वर्ल्ड बैंक ने एक स्कॉलरशिप का ऐलान किया है, जिसके लिए इंडियन स्टूडेंट्स भी आवेदन कर सकते हैं। इस स्कॉलरशिप से स्टूडेंट्स को आर्थिक राहत मिल सकती है।
बता दें कि ‘ज्वाइंट जापान/वर्ल्ड बैंक ग्रेजुएट स्कॉलरशिप प्रोग्राम’ उन छात्रों के लिए है, जो डेवलपमेंट से संबंधी फील्ड में पढ़ाई करना चाहते हैं। खासतौर पर इस स्कॉलरशिप को उन प्रोफेशनल्स के लिए तैयार किया गया है, जिसके बाद अपने देश के विकास में सहयोग करने का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड है। जो आवेदक अपनी विशेषज्ञता को अधिक गहरा करना चाहते हैं। यह स्कॉलरशिप को विकासशील देशों के लिए तैयार किया गया है, जिसमें भारत भी शामिल है।
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वर्ल्ड बैंक स्कॉलरशिप पैकेज
JJ/WBGSP में एक ऐसा पैकेज मिल रहा है, जिससे भारतीय स्टूडेंट्स पैसों की चिंता किए बिना आराम से पढ़ाई कर सकते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि वर्ल्ड बैंक स्कॉलरशिप में क्या-क्या कवर हो रहा है।
स्कॉलरशिप पाने वाले स्टूडेंट की मास्टर्स की पूरी ट्यूशन फीस माफ की जाएगी। साथ ही स्टूडेंट्स को मेडिकल इंश्योरेंस भी मिलेगा।
भारत और जिस भी देश में स्टूडेंट पढ़ने के लिए जा रहा है, वहां पर आने-जाने के लिए फ्लाइट का टिकट भी मिलेगा। वहीं अलग 600 डॉलर का ट्रैवल अलाउंस दिया जाएगा।
स्टूडेंट्स के रहने, खाने और किताबें खरीदने के लिए हर महीने अलाउंस दिया जाएगा।
Joint Japan/World Bank Graduate Scholarship Program पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
वर्ल्ड बैंक स्कॉलरशिप की शर्तें
कैंडिडेट्स को वर्ल्ड बैंक के सदस्य विकासशील देश का नागरिक होना चाहिए।
आवेदक के पास आवेदन के समय डेवलपमेंट से संबंधित फील्ड में फुल-टाइम काम करने का प्रमाण होना चाहिए।
कैंडिडेट्स के पास उन विश्वविद्यालयों में से किसी एक का एडमिशन ऑफर लेटर होना जरूरी है, जो वर्ल्ड बैंक के स्कॉलरशिप प्रोग्राम का हिस्सा हैं।
साथ ही कैंडिडेट को इस बात के लिए प्रतिबद्धता दिखानी होगी कि वह पढ़ाई खत्म होने के बाद अपने देश वापस लौट जाएगा। वहीं यहां सीखी गई स्किल्स का इस्तेमाल देश के विकास के लिए करेगा।
कैसे काम करता है सिलेक्शन प्रोसेस
प्रोफेशनल एक्सपीरियंस (30% वेटेज)
अपने देश के प्रति प्रतिबद्धता (30% वेटेज)
प्रोफेशनल रिकमेंडेशन (यानी सिफारिशें) (30% वेटेज)
अकेडमिक बैकग्राउंड (10% वेटेज)
फाइनल सिलेक्शन के दौरान समिति लैंगिक और भौगोलिक विविधता को प्राथमिकता देती है। वहीं वित्तीय संसाधनों तक सीमित पहुंच वाले कैंडिडेट्स पर विचार करती है। इस स्कॉलरशिप का लाभ लेने के लिए स्टूडेंट्स को यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना होगा और फिर इसके लिए अप्लाई करना होगा।