Rajasthan University Exam Controversy: राजस्थान यूनिवर्सिटी में एग्जाम के दौरान बड़ी गड़बड़ी, पेपर की जगह बांट दी आंसर-की


Rajasthan University Exam Controversy: राजस्थान यूनिवर्सिटी एक बार फिर अपनी परीक्षा व्यवस्था को लेकर विवाद में आ गई है. एमए समाजशास्त्र सेकंड पेपर की परीक्षा के दौरान ऐसी चूक सामने आई है, जिसने विश्वविद्यालय प्रशासन के कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. परीक्षा हॉल में बैठे छात्रों को प्रश्न पत्र की जगह आंसर-की बांट दी गई. मामला सामने आते ही परीक्षा केंद्रों पर अफरा-तफरी मच गई और छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया.

जानकारी के अनुसार, एमए समाजशास्त्र सेकंड पेपर की परीक्षा में करीब 300 छात्र शामिल होने वाले थे. परीक्षा शुरू होने के बाद जब परीक्षार्थियों ने प्रश्न पत्र खोला तो वह हैरान रह गए. उनके हाथ में जो डॉक्यूमेंट था, उसमें प्रश्नों की जगह उत्तर भी मौजूद थे. शुरुआत में कई छात्रों को लगा कि शायद यह कोई मॉडल पेपर है, लेकिन कुछ ही देर में साफ हो गया की परीक्षा की ऑफिशियल आंसर की है.

परीक्षा हॉल में मचा हड़कंप

आंसर की मिलने के बाद परीक्षा केंद्र पर असमंजस की स्थिति बन गई. छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विरोध दर्ज कराया. कई परीक्षार्थियों ने परीक्षा देने से इनकार कर दिया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई. छात्रों का कहना था कि परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में इस तरह की लापरवाही उनके फ्यूचर के साथ खिलवाड़ है. मामले की जानकारी मिलते ही परीक्षा कक्षा में मौजूद शिक्षकों और पर्यवेक्षकों ने छात्रों से वितरित की गई आंसर की वापस लेना शुरू कर दिया. हालांकि तब तक छात्र पूरे घटनाक्रम को समझ चुके थे और यूनिवर्सिटी की परीक्षा प्रणाली को लेकर सवाल उठाने लगे.

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छात्र नेताओं ने की कार्रवाई की मांग

घटना के बाद छात्रों ने भी यूनिवर्सिटी प्रशासन को घेरा. छात्र नेता लक्ष्यराज लुहारिया और दूसरे छात्र प्रतिनिधियों ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. उनका कहना था कि ऐसी घटनाएं विश्वविद्यालय की विशेषताओं को नुकसान पहुंचा सकती है और विद्यार्थियों का भरोसा कमजोर कर सकती है. छात्रों ने यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई. कई विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया की परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने शुरुआत में मामले को दबाने की कोशिश की.

कैसे सामने आई इतनी बड़ी गड़बड़ी?

शुरुआती जांच में सामने आया कि प्रश्न पत्र और आंसर की अलग-अलग सीलबंद लिफाफों में भेजी जाती है. लेकिन प्रिंटिंग और पैकिंग प्रक्रिया के दौरान आंसर की वाले लिफाफे को गलती से प्रश्न पत्र समझ लिया गया. इसके बाद उस सामग्री की छपाई कर सील बंद पैकेट तैयार कर परीक्षा केंद्रों तक भेज दिया गया, क्योंकि परीक्षा शुरू होने तक सील बंद लिफाफे नहीं खोले जाते, इसलिए गलती पहले पकड़ में नहीं आ सकी. परीक्षा शुरू होने के बाद ही छात्रों के माध्यम से पूरे मामले का खुलासा हुआ.

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परीक्षा रद्द, 27 जून को होगा एग्जाम

घटना की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान यूनिवर्सिटी ने परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने घोषणा की है कि एमए समाजशास्त्र सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा अब 27 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी. परीक्षा नियंत्रक राकेश राव ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर चूक है और जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. विश्वविद्यालय ने छात्राओं से सहयोग की अपील करते हुए आश्वासन दिया है कि दोबारा परीक्षा निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से आयोजित की जाएगी.

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